Gold Price 31 July 2020 Today : मजबूत हाजिर मांग के कारण सटोरियों ने ताजा सौदों की लिवाली की जिससे वायदा बाजार में शुक्रवार को सोना 645 रुपये की तेजी के साथ 53,425 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में अक्टूबर महीने में डिलीवरी सोना अनुबंध की कीमत 645 रुपये यानी 1.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 53,425 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई. इसमें 16,609 लॉट के लिये कारोबार हुआ.Also Read - Sovereign Gold Bond: सस्ते में सोना खरीदने का आखिरी मौका, आज बंद हो जाएगा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का सब्सक्रिप्शन

बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कारोबारियों द्वारा ताजा सौदों की लिवाली करने से सोना वायदा कीमतों में तेजी आई. न्यूयॉर्क में सोना 1.45 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,995.30 डॉलर प्रति औंस हो गया. Also Read - Gold Rate Today, 10 January 2022 : रिकॉर्ड हाई से 8,800 रुपये सस्ते में मिल रहा है सोना, खरीदारी करने का शानदार मौका

कोविड-19 महामारी की वजह से मध्यप्रदेश में जेवरात की खरीदी-बिक्री में 80 प्रतिशत की भारी गिरावट का दावा करते हुए असंगठित सर्राफा उद्योग के कारोबारियों ने त्योहारी मौसम से पहले डिजिटल रास्ता अख्तियार करने का फैसला किया है. इसके तहत ये कारोबारी मोबाइल ऐप और वेबसाइट के जरिये भी अपने उत्पाद बेचेंगे. Also Read - Gold Rate Today: फिर बढ़ती जा रही है सोने की चमक, आज फिर बढ़े दाम, जानिए 10 ग्राम 22ct-24ct गोल्ड का रेट

मध्यप्रदेश सर्राफा एसोसिएशन के सचिव संतोष सर्राफ ने शुक्रवार बताया, “कोविड-19 के जारी संकट के कारण मार्च के मुकाबले जुलाई में हमारा कारोबार 80 प्रतिशत तक गिर गया है. धन की तंगी के चलते ज्यादातर ग्राहकों ने शादी-ब्याह के लिये जेवरात के ऑर्डर रद्द कर दिये हैं.” सर्राफ ने बताया, “महामारी के मुश्किल समय में सटोरियों ने सोने-चांदी के भावों को कृत्रिम रूप से नयी उंचाइयों पर पहुंचा दिया है. नतीजतन इन महंगी धातुओं के जेवरात आम ग्राहकों की पहुंच से और दूर हो गये हैं.”

उन्होंने बताया कि उनका संगठन अपने करीब 25,000 में से करीब 7,000 सदस्यों के तैयार आभूषणों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जल्द ही पेश करने जा रहा है, ताकि कठिन हालात में कारोबार बचाया जा सके. इसके लिये मोबाइल ऐप और वेबसाइट तैयार की गयी है.

इस बीच, मध्य भारत में सर्राफा कारोबार का गढ़ माने जाने वाले इंदौर में कोरोना वायरस के कारण जेवरात निर्माण उद्योग की चमक भी फीकी पड़ गयी है. इस उद्योग से जुड़े ज्यादातर कारीगर पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं.

पश्चिम बंगाल मूल के कारीगरों की संस्था इंदौर बंगाली स्वर्णकार लोकसेवा समिति के अध्यक्ष कमलेश बेरा ने बताया कि शहर में पिछले चार महीनों के दौरान कोविड-19 के प्रकोप के साथ ही काम-धंधा ठप पड़ जाने के कारण करीब 18,000 कारीगरों में से 14,000 लोग पश्चिम बंगाल के अपने घरों को लौट चुके हैं.

उन्होंने बताया, “लॉकडाउन खत्म होने के बाद जब कारीगर पश्चिम बंगाल से इंदौर वापसी का मन बना रहा थे, तब सोने-चांदी के भावों में बेतहाशा तेजी से सर्राफा कारोबार और मंद पड़ गया. इससे ज्यादातर कारीगरों ने वापसी का फैसला टाल दिया है.” कारोबारी सूत्रों ने बताया कि इंदौर में कोविड-19 के लॉकडाउन से ऐन पहले 21 मार्च को स्थानीय सर्राफा बाजार में सोना 42,350 रुपये प्रति 10 ग्राम बिका था, जिसके भाव 31 जुलाई (शुक्रवार) को 55,110 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. सूत्रों ने बताया कि 21 मार्च को स्थानीय सर्राफा बाजार में चांदी के भाव 38,600 रुपये प्रति किलोग्राम थे जो 31 जुलाई (शुक्रवार) को 62,600 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए.