मुंबई: अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में सोने की कीमतें इस समय नकारात्मक हैं. लेकिन उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रुपया सुधरकर 71 प्रति डॉलर के स्तर तक मजबूत होता है, तो सोने में भी सुधार आएगा और यह मजबूत होकर 33,500 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच जाएगा. शुक्रवार को घरेलू बाजार में सोना 31,050 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह 1,207.70 डॉलर प्रति औंस था.

कॉमट्रेंड्ज रिस्क मैनेजमेंट के निदेशक ज्ञानशेखर त्यागराजन ने कहा, ”ऊंचे मूल्य और कमजोर रिटर्न की वजह से घरेलू बाजार में कोई उल्लेखनीय मांग नहीं है. डॉलर के मजबूत होने, जून के बाद से रिजर्व बैंक द्वारा दो बार ब्याज दरों में वृद्धि तथा अगले महीने एक और वृद्धि की आशंका की वजह से निवेशकों का सोने के प्रति उत्साह कम हुआ है. त्यागराजन ने कहा कि कई इलाकों में भू-राजनैतिक तनाव की वजह से सोने पर विशेष प्रभाव नहीं हुआ है, लेकिन आगे इसकी संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता.

त्यागराजन ने कहा, ”हमारा अनुमान है कि सोना 1,185 से 1,255 डॉलर प्रति औंस के दायरे में रहेगा. दिसंबर अंत तक यह 1,275 डॉलर प्रति औंस पर जा सकता है. निचले स्तर पर यह 1,160 डॉलर प्रति औंस पर आ सकता है. यदि रुपया 71 प्रति डॉलर पर आता है तो घरेलू बाजार में सोना 30,250 से 33,500 रुपए प्रति दस ग्राम के बीच रह सकता है.”

वित्तीय सेवा कंपनी एबंस ग्रुप के चेयरमैन अभिषेक बंसल ने कहा सितंबर से अक्तूबर मध्य तक सोने में तेजी अमेरिका चीन के बीच मौजूदा व्यापार युद्ध की वजह से आई है. बंसल ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि की आशंका की वजह से कीमतों में गिरावट आनी शुरू हो गई. फेडरल रिजर्व ने 26 सितंबर को नीतिगत दर चौथाई प्रतिशत बढ़ाकर 2.25 प्रतिशत की है.

एंजल ब्रोकिंग के मुख्य जिंस और मुद्रा विश्लेषक प्रथमेश माल्या ने कहा कि आगे चलकर सोने की मांग कमजोर रहेगी. वैश्विक बाजार अमेरिका में ब्याज दरों में और वृद्धि को लेकर आशंकित है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में कीमतों में करेक्शन आएगा. उन्होंने कहा कि दिसंबर तक सोने की कीमतों में मौजूदा स्तर से 80 से 100 डॉलर प्रति औंस की और गिरावट आएगी. दिसंबर अंत तक घरेलू बाजार में सोने में 1,200 से 1,400 रुपए प्रति दस ग्राम की और गिरावट आ सकती है.