Gold Price Today 4 july 2020 Latest News: दिल्ली सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने का भाव 237 रुपए की तेजी के साथ 49,022 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया. एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी है. इससे पहले बृहस्पतिवार को सोना 48,785 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. हालांकि, चांदी की कीमत 740 रुपये की हानि के साथ 49,060 रुपये प्रति किलोग्राम रह गयी जो बृहस्पतिवार को 49,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,774 डॉलर प्रति औंस और चांदी 17.99 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही.Also Read - Gold price today, 30 July 2021: सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, जानिए- आज क्या हैं 10 ग्राम सोने के रेट?

वहीं जहां एक तरफ कोरोना वायरस की वजह से देश भर के तमाम क्षेत्रों में आर्थिक कमजोरी आ रही हैं वहीं दूसरी तरफ इस संकट के दौर में भी सोने की चमक लगातार तेज हो रही है. यही वजह है कि इस कठिन दौर में भी सोने में निवेश करने वालों को भारी मुनाफा हो रहा है. एक जानकारी के मुताबिक जिन लोगों ने कोरोना वायरस से पहले जनवरी में सोने पर निवेश किया था उन्हें छह महीनें में करीब करीब 35 प्रतिशत का रिटर्न मिला है. Also Read - Gold price today, 29 July 2021: सोने-चांदी के भावों में जोरदार उछाल, जानिए- आज क्या हैं 10 ग्राम सोनेके रेट?

हालांकि इस वित्तीय वर्ष में सोने के व्यापार में कुछ अंतर जरूर देखने को मिला है. सोने का आयात वित्त वर्ष 2020-21 के पहले दो महीनों के दौरान उल्लेखनीय रूप से घटकर 7.914 करोड़ डॉलर का रह गया. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस गिरावट का कारण कोविड-19 महामारी के मद्देनजर मांग में भारी कमी का होना है. Also Read - Gold price today, 27 July 2021: निचले स्तरों से सुधरा सोना, चांदी में नरमी बरकरार, जानिए- आज क्या हैं 10 ग्राम सोने के रेट?

वर्ष 2019-20 की इसी अवधि में सोने का आयात 8.75 अरब डॉलर का हुआ था. सोने के आयात में गिरावट से देश के व्यापार घाटे ? (आयात और निर्यात के बीच के अंतर) को कम करने में मदद मिली है. आयात और निर्यात के बीच का अंतर, उक्त अवधि के दौरान घटकर 9.91 अरब डॉलर रह गया जो साल भर पहले 30.7 अरब डॉलर का था.

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि व्यापार घाटे के कम होने की वजह से, भारत ने जनवरी-मार्च तिमाही में 0.6 अरब डॉलर अथवा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 0.1 प्रतिशत के बराबर चालू खाता अधिशेष बचा है जबकि वर्ष भर पहले समान अवधि में 4.6 अरब डॉलर अथवा जीडीपी का 0.7 प्रतिशत का घाटा दर्ज किया गया था.

पिछले वर्ष दिसंबर से सोने के आयात में गिरावट आ रही है. मार्च, अप्रैल और मई में यह गिरावट क्रमश: 62.6 प्रतिशत, 99.93 प्रतिशत और 98.4 प्रतिशत रही. भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक है, जो मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करता है. मात्रा के संदर्भ में, देश सालाना 800-900 टन सोने का आयात करता है.

अप्रैल-मई 2020 में रत्न और आभूषण निर्यात 82.46 प्रतिशत घटकर 1.1 अरब डॉलर रहा. इसी तरह, 2020-21 के पहले दो महीनों के दौरान चांदी का आयात भी 30.7 प्रतिशत घटकर 43.789 करोड़ डॉलर रहा