
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
भारतीय परंपरा में सोने को शुद्धता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. ये सिर्फ इंवेस्टमेंट ही नहीं है, बल्कि परिवार की महिलाओं के लिए एक इमोशन है. भारतीय परंपरा में जन्म के बाद होने वाले अलग-अलग संस्कारों में सोना खरीदने या तोहफे में देने की मान्यता रही है. महिलाओं के लिए इसे श्रृंगार से जोड़ा जाता है. कुछ लोग इसे घर में महालक्ष्मी की कृपा और एसेट के तौर पर देखते हैं. बुलियन मार्केट में अभी सोने का भाव सातवें आसमान पर है, फिर भी सोने की डिमांड में कोई कमी नहीं आई है.
शादियों के मौके पर परिवार में अक्सर विदा होने वाली बेटी या घर आने वाली दुल्हन के लिए नए गहने बनवाए जाते हैं. कई बार पुराने गहनों को तुड़वाकर नए डिजाइन की जूलरी बनाई जाती है. ऐसे में गहने बनवाने के लिए सही सोने की पहचान करना जरूरी है. आइए समझते हैं गोल्ड की प्यूरिटी कैसे चेक करें? क्या पुराने गहने के बदले नए गहने बनवाना फायदेमंद है? गोल्ड खरीदते समय कौन-कौन सी बातों का ख्याल रखना चाहिए:-
100% खरा नहीं हो सकता सोना
असल में आपका सोना कितना ही वजनदार क्यों न हो, वह 100% खरा नहीं हो सकता. सोना इतना सॉफ्ट मेटल है कि बिना मिलावट के इससे गहने बन ही नहीं सकते. सोने की शुद्धता मापने के लिए कैरेट (K) यूनिट का इस्तेमाल करते हैं. ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) की वेबसाइट के अनुसार 6 कैटेगरी में ही गोल्ड जूलरी की हॉलमार्किंग होती है. ये कैटेगरी हैं-14K, 18K, 20K, 22K, 23K, 24K.
नंबरों से समझिए कितना खरा है आपका सोना?
कौन जांचता है सोने की शुद्धता?
देश में सोने की शुद्धता जांचने का काम BIS करता है. आप जो भी जूलरी खरीदते हैं, उस पर हॉलमार्क BIS का तिकोना मार्क बना होता है. इसका मतलब यह है कि उस जूलरी की टेस्टिंग मान्यता प्राप्त लैब में हुई है. ऐसे में आप उसे बेफिक्र होकर खरीद सकते हैं.
हॉलमार्किंग क्या हैं और ये क्यों जरूरी?
हॉलमार्किंग, सोने और चांदी जैसे कीमती मेटल की शुद्धता को प्रमाणित करने की एक प्रक्रिया है. यह एक आधिकारिक चिह्न या मुहर है जो धातु की क्वालिटी की गारंटी देता है. 1 अप्रैल 2023 से सोना खरीदने और बेचने के लिए 6 डिजिट वाला हॉलमार्क यूनिक आईडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर भी अनिवार्य कर दिया है.अगर आपके पास पुराने सोने के गहने हैं तो आपको उसे BIS सेंटर्स या मान्यता प्राप्त ज्वैलर्स के पास जाकर हॉलमार्क करवाना होगा. इसके बाद ही इस गहने को बेचा या बदला जा सकता है.
सोना खरीदते या बेचते समय इन बातों का जरूर रखें ख्याल
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