Gold Price in last week: शनिवार को समाप्त सप्ताह में सोने और चांदी के भाव में पिछले 6 माह की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई. मार्च महीने में दुनिया में कोरोना वायरस महामारी पीक पर थी. उस वक्त से सोने के भाव में लगातार तेजी बनी रही. लेकिन बीते सप्ताह में सोना-चांदी के भाव में भारी गिरावट आई.Also Read - Gold price today, 29 July 2021: सोने-चांदी के भावों में जोरदार उछाल, जानिए- आज क्या हैं 10 ग्राम सोनेके रेट?

बीते सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिवस यानी शुक्रवार को खुदरा बाजार में 24 कैरट सोना 49846 रुपये के भाव पर था. वहीं चांदी भारी गिरावट के साथ 57477 रुपये किलो पर बंद हुई थी. 22 कैरट सोना 45659 रुपये तोले के भाव से बिक रहा था. Also Read - Gold Rate, Cheapest Gold: इतना सस्ता हो गया है सोना, फटाफट खरीद लें नहीं तो पड़ेगा पछताना, जानें क्या है गोल्ड का रेट

बीते सप्ताह सोने के भाव में छह माह पहले की अवधि की तुलना में 4.4 फीसदी की गिरावट आई वहीं चांदी का भाव 15 फीसदी तक लुढ़क गया. जानकारों का कहना है कि ऐसा प्रमुख तौर पर अमेरिकी डॉलर की मजबूती की वजह से हुआ है. अमेरिकी डॉलर अप्रैल 2020 के बाद अभी अपने सबसे मजबूत स्थिति में है. Also Read - Gold-silver rate today, 23 July 2021: लॉन्ग टर्म के लिए गोल्ड-सिल्वर के फंडामेंटल मजबूत, जानिए-आपके शहर में आज किस भाव पर मिल रहा है 10 ग्राम सोना?

Goodreturns वेबसाइट के मुताबिक कोरोना महामारी के दौर में अमेरिका में निवेशकों के लिए सोना एक सुरक्षित निवेश रहा है. कोविड-19 की वजह से दुनिया में एक तरह की आर्थिक अनिश्चितता है. ऐसे में सोना में निवेश को सबसे सुरक्षित माना जाता है. लेकिन अभी अमेरिकी डॉलर की मजबूती को देखते हुए निवेशक सोना खरीदने में हिचकिचा रहे हैं. दूसरी तरह डॉलर की मजबूती ने दुनिया के अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोने को महंगा कर दिया है.

ऐसे में दुनिया खासकर यूरोप में कोरोना के बढ़ते मामले और अमेरिकी सरकार के किसी अतिरिक्त प्रोत्साहन पैकेज की उम्मीद पर अनिश्चितता के कारण डॉलर में मजबूती आई है. इन परिस्थितियों में दुनिया की अर्थव्यवस्था में त्वरित सुधार की संभावना नहीं दिख रही है. डॉलर की इस मजबूती ने सोने की मांग को कम कर दिया है.

न्यूयॉर्क में बीते कारोबारी दिवस के दिन सोना 0.3 फीसदी गिरकर 1861.58 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. इधर भारत में MCX में सोना 0.5 फीसदी गिरकर 49659 रुपये पर बंद हुआ.

जानकारों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के कारण भी यह अनिश्चितता का माहौल है. ऐसे में सोने के भाव में यह गिरावट क्षणिक है. भूराजनैतिक और आर्थिक मोर्चे पर अनिश्चितता के कारण हमेशा सोने के भाव में तेजी देखी गई है. ऐसे इस बार भी कुछ ऐसा ही होगी.