GOOD NEWS: केंद्र की मोदी सरकार किसानों को एक और खुशखबरी देने वाली है. सरकार अब किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत मिल रही 6000 रुपये की मदद के अलावा भी 5000 रुपये देने की तैयारी कर रही है. यह पैसा खाद के लिए मिलेगा, क्योंकि सरकार बड़ी-बड़ी खाद कंपनियों को सब्सिडी देने की बजाय सीधे किसानों के हाथ में फायदा देना चाहती है. Also Read - PM Kisan Samman Nidhi 6 major changes: किसान सम्मान निधि में हुए ये 6 बड़े बदलाव, सातवीं किस्त आने से पहले जरूर जान लें

गौरतलब है कि कृषि लागत एवं मूल्य आयोग ने केंद्र सरकार से किसानों को सीधे 5000 रुपये सालाना खाद सब्सिडी के तौर पर नगद देने की सिफारिश की है. आयोग चाहता है कि किसानों को 2,500 रुपये की दो किश्तों में भुगतान किया जाए. पहली किश्त खरीफ की फसल शुरू होने से पहले और दूसरी रबी की शुरुआत में दी जाए. Also Read - PM Kisan Samman Nidhi Scheme : 31 मार्च तक हर हाल में कर लें ये काम, वरना नहीं मिलेंगे 6000 रुपये!

इसके तहत अगर केंद्र सरकार ने सिफारिश मान ली तो किसानों के पास ज्यादा नगदी होगी, क्योंकि सब्सिडी का पैसा सीधे उनके खाते में आएगा. वर्तमान में कंपनियों को दी जाने वाली उर्वरक सब्सिडी की व्यवस्था भ्रष्टाचार की शिकार है. हर साल सहकारी समितियों और भ्रष्ट कृषि अधिकारियों की वजह से खाद की किल्लत होती है और अंतत: किसान व्यापारियों और खाद ब्लैक करने वालों से महंगे रेट पर खरीदने को मजबूर होते हैं. Also Read - काम की बात: केंद्रीय कर्मचारियों को कब और कितना मिलेगा बोनस, जान लीजिए ये गणित

केंद्र सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए किसानों को उर्वरक की सब्सिडी सीधे उनके बैंक अकाउंट में देने पर विचार कर रही है. किसानों के खाते में नगद सब्सिडी जमा कराने के लिए 2017 में ही नीति आयोग की एक विशेषज्ञ समिति गठित कर दी गई. लेकिन अब तक इस पर ठोस काम नहीं हो पाया. लेकिन अब सीएसीपी की सिफारिश के बाद नई व्यवस्था लागू होने की उम्मीद जग गई है.

रसायन और उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा ने कही थी ये बात

इस साल 20 सितंबर को रसायन और उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा ने एक सवाल के जवाब में लोकसभा में बताया था कि किसानों के बैंक खातों में डीबीटी का कोई ठोस निर्णय फिलहाल नहीं हुआ है. किसानों को उर्वरक राज सहायता के डीबीटी की शुरुआत करने के विभिन्न पहलुओं की जांच करने के लिए उर्वरक और कृषि सचिव की सह अध्यक्षता में एक नोडल समिति गठित की गई है. इस बारे में जब हमने केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि खाद सब्सिडी आगे का विषय है. जब होगा तब बता देंगे.