नई दिल्‍ली: देश की नामी आईटी कंपनी इंफोसिस में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है. कंपनी अपने कर्मचारियों को सैलरी दोगुनी करने का मौका दे रही है. इसके लिए कंपनी ने कर्मचारियों की स्किल बढ़ाने और एट्रीशन रेट घटाने के लिए एक योजना बनाई है. टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इंफोसिस ने कर्मचारियों के लिए ब्रिज प्रोग्राम शुरू किया है, इसके तहत कर्मचारियों को उनकी जॉब से ज्‍यादा स्किल्‍स वाली जॉब तक पहुंचने में मदद मिलेगी. इसे पूरा करने वाले कर्मचारियों की सैलरी में भी दोगुनी बढ़ोत्‍तरी हो सकती है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक इंफोसिस का मानना है कि इस कार्यक्रम के जरिए कर्मचारी नौकरी छोड़ने के बजाए नए कौशल विकसित करने में सक्षम बन जाएंगे. इंफोसिस ने इस साल अपने उन कर्मचारियों के लिए यह प्रोग्राम शुरू किया है, जिन्‍होंने कंपनी के साथ 3 साल काम किया है. तीन साल के बाद आमतौर पर कर्मचारी दूसरी कंपनियों में जॉब देखना शुरू कर देते हैं, या आगे कुछ और करते हैं. ऐसे में इस प्रोग्राम से कर्मचारियों को काफी मदद मिलेगी. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बेंगलुरु स्थित कंपनी पहले से ही अमेरिका में हब स्थापित कर रही है. ऐसे में उम्मीद है कि 2019 तक 10,000 स्थानीय कर्मचारियों की भर्ती करेगी.

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आईटी में और नौकरियां होगी पैदा
इंफोसिस ने कहा कि 2020 तक ऑस्ट्रेलिया में 1,200 आईटी नौकरियों पैदा होगी, जिसमें से लगभग 40 प्रतिशत कंप्यूटर विज्ञान और डिजाइन सहित कई क्षेत्रों से ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय के स्नातक होंगे. इन्फोसिस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर प्रवीण राव ने कहा कि आज ऑस्ट्रेलिया में हमारी 20 साल की यात्रा में हमारी कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. बता दें कि पिछले कई साल से आईटी इंडस्ट्री में फ्रेशर्स की सैलरी 3.5 लाख रुपए सालाना पर अटकी हुई है. इन कंपनियों में 8 से 10 फीसदी से ज्यादा वार्षिक इंक्रीमेंट भी नहीं होता है. ऐसे में इंफोसिस का ये कदम कर्मचारियों को सहारा दे सकता है.