नई दिल्ली: अगर अक्सर बैंक में काम पड़ता है. लेन-देन बैंक के जरिए करते हैं तो ये खबर आपके लिए है. फरवरी माह ख़त्म होने की ओर है. मार्च में वित्त वर्ष के क्लोज़िंग का माह होता है. और इसी माह में लगातार आठ दिन तक बैंक बंद रहेंगे. इतने दिनों तक कोई काम नहीं हो पाएगा. अभी से ही तैयारियां कर लें, वरना मुश्किल हो सकती है. Also Read - दिल्ली: येस बैंक के बाहर रुपयों के लिए लगी लाइन, ATM में कैश नहीं, रोते-बिलखते दिखे कई लोग

8 -15 मार्च तक सभी सरकारी बैंक हैं बंद Also Read - बैंक जमा पर 5 लाख रुपए की गारंटी के लिए बीमा कवर को मोदी सरकार ने दी मंजूरी

एक बैंक अधिकारी के अनुसार सभी सरकारी बैंक 8 मार्च से 15 मार्च के बीच काम पूरी तरह से ठप रहने की आशंका है. दरअसल 8 मार्च को रविवार है. इसके बाद 9-10 मार्च को होली की वजह से बैंक बंद हैं. सरकारी बैंकों की यूनियन बैंक एंप्लॉयी फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) और ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉयी असोसिएशन (AIBEA) ने अपनी मांगों को लेकर 11-13 मार्च तक देशव्यापी हड़ताल कर रहे हैं. 14 और 15 मार्च को दूसरा शनिवार और रविवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे. इस हिसाब से मार्च के दूसरे हफ्ते में कोई भी काम होना मुमकिन नहीं दिख रहा है. अधिकारी आगे बताया कि कुछ राज्यों में 9 मार्च को होली की छुट्टी नहीं है इसके कारण आंशिक रूप से काम हो सकता है. Also Read - ATM फ्रॉड रोकने की दिशा में RBI का बड़ा कदम, बैंकों से कार्ड में ये सुविधा देने को कहा

हो सकती है किल्लत

बैंक के जानकारों का कहना है कि मार्च के दूसरे हफ्ते में लगातार 8 दिन तक बैंकों में काम बंद रहने का असर आपके व्यापार और घरेलू कामों में पड़ सकता है. मसलन, मार्च के दूसरे हफ्ते में चेक भुनाने का कोई काम नहीं हो पाएगा. इसके अलावा बैंकों से नकदी निकालने या जमा करने का काम भी पूरी तरह से ठप्प रहेगा. अपने रोजमर्रा के कामों में बैंक संबंधि परेशानियों से बचने के लिए सलाह दी गई है कि मार्च के पहले हफ्ते में ही अपने सभी बैंकिंग से जुड़े काम निपटा लें.

बैंककर्मी इसलिए कर रहे हैं हड़ताल

बैंक यूनियन से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि बैंक कर्मचारी अपनी सैलरी की मांग को लेकर हड़ताल में जा रहे हैं. दरअसल हर पांच साल में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की सैलरी रिवाइज होती है. इन नियम के तहत सरकार ने 2012 में तो सैलरी रिवाइज किया था लेकिन उसके बाद इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया है. बैंक यूनियनों ने सरकार से दो विकली ऑफ की मांग भी की थी. लेकिन इस मांग को भी पूरा नहीं किया गया है. इसीलिए बैंक कर्मचारियों ने एक बार फिर हड़ताल करने का फैसला किया है.