Finance Minister Nirmala Sitharaman: सरकार ने गुरुवार को इमर्जेंसी क्रेडिट लिक्विडिटी गारंटी स्‍कीम की समय सीमा बढ़ा दी है. इसे बढ़ाकर 31 मार्च 2021 तक कर दिया गया है. इस कदम से देश में छोटे और मझोल उद्योगों (एमएसएमई) के लाखों कारोबारियों को राहत मिलेगी.

पहले यह स्‍कीम 30 अक्‍टूबर को खत्‍म होनी थी. लेकिन, बाद में इसकी समयसीमा बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई थी. अब इसे अगले साल 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है. इस स्‍कीम के लिए एमएसएमई यूनिट, बिजनेस एंटरप्राइज, व्‍यावसायिक उद्देश्‍यों से लिए गए व्‍यक्तिगत लोन और मुद्रा लोन ग्राहक पात्र हैं.

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि स्‍कीम के तहत अब तक 61 लाख कर्जदारों को कुल 2.05 लाख करोड़ रुपये सैंक्‍शन किया जा चुका है. इसमें से 1.52 लाख करोड़ को बांट दिया गया है.

मई में छोटे उद्योगों की मदद के लिए सरकार ने आत्‍म निर्भर भारत पैकेज के तहत इस स्‍कीम का एलान किया था. इस स्‍कीम के तहत बिना किसी गारंटी के लोन दिया जाता है. यह रकम 29 फरवरी तक बकाया लोन के 20 फीसदी तक होती है.

इस स्‍कीम के तहत वे व्‍यापारी पात्र हैं जिन पर 29 फरवरी तक 50 करोड़ रुपये का लोन बकाया था और जिनका सालाना टर्नओवर 250 करोड़ रुपये का है. ईसीएलजीएस 2.0 के तहत अतिरिक्‍त क्रेडिट की अवधि 5 साल होगी. इसमें मूल रकम के रिपेमेंट पर एक साल का मोरेटोरियम शामिल है. स्‍कीम 31 मार्च 2021 तक उपलब्‍ध है.

इसके अलावा वित्‍त मंत्री ने दबाव वाले सेक्‍टरों की मदद के लिए भी एक क्रेडिट गारंटी स्‍कीम का एलान किया है. इन सेक्‍टरों में पावर, कंस्‍ट्रक्‍शन, आयरन एंड स्‍टील, रोड, रियल एस्‍टेट, होलसेल ट्रेडिंग, टेक्‍सटाइल, कंज्‍यूमर ड्यूरेबल, एविएशन, लॉजिस्‍ट‍िक्‍स, होटल, रेस्‍टोरेंट, टूरिज्‍म और माइनिंग शामिल हैं.