किसानों को गन्ना भुगतान में लापरवाही करने वाली पांच बड़ी चीनी मिलों के खिलाफ गन्ना आयुक्त ने आरसी रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किया है. वसूली के पैसे से गन्ना किसानों को भुगतान किया जाएगा. सरकार की इस कार्रवाई पर किसानों ने खुशी जाहिर की है. अपर मुख्य सचिव व गन्ना एवं चीनी विभाग के आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि मोदी समूह की मलकपुर-बागपत,चीनी मिल, गड़ौरा-महराजगंज चीनी मिल, सिम्भावली समूह की चिलवरिया-बहराइच चीनी मिल, बजाज समूह की इटई मैदा-बलरामपुर चीनी मिल तथा यदु समूह की बिसौली-बदायूं चीनी मिल के खिलाफ आरसी जारी की गई है. कई बार की नोटिस के बाद भी ये मिलें गन्ना किसानों के भुगतान में लापरवाही बरत रही थी. इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा था.Also Read - फल देने का झांसा देकर बगीचे में ले गए, फिर दो लोगों ने किया नाबालिग लड़की का रेप; सोशल मीडिया पर डाला वीडियो

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन भू-राजस्व के बकाया कि तरह ही चीनी मिलों से वसूली कर सकेगा, जिससे किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान कराने में मदद मिलेगी. अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान के लिए चीनी मिलों को समीक्षा बैठकों एवं नोटिसों के माध्यम से जल्द भुगतान कराए जाने के निर्देश दिए जा चुके हैं. Also Read - UP विधानसभा अध्यक्ष का वीडियो वायरल, कम कपड़े, महात्‍मा गांधी और राखी सावंत का जिक्र, ट्वीट कर दी ये सफाई

पेराई सत्र 2020-21 में संचालित 120 चीनी मिलों में से 36 चीनी मिलों द्वारा शत-प्रतिशत तथा 29 चीनी मिलों द्वारा 80 प्रतिशत से अधिक का भुगतान गन्ना किसानों को किया जा चुका है. इनमें से 19 चीनी मिलें तो 90 प्रतिशत से अधिक का भुगतान कर चुकी है. Also Read - UP Election 2022: यूपी सरकार की साढ़े चार साल की उपलब्धि बताएंगे सीएम योगी, जिले में जुटेंगे मंत्री व सांसद

गन्ना आयुक्त ने बताया कि गन्ना किसानों को समय पर भुगतान कराने के लिए रोजाना गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की जा रही है. गन्ना किसानों के बकाये का सौ फीसद भुगतान सरकार की प्रतिबद्धता है.

(With IANS Inputs)