PM मोदी के ऐलान के बाद एक्शन में सरकार, GST का 5% और 18% स्लैब करने के लिए काउंसिल को भेजा प्रस्ताव

GST यानी Goods and Services Tax Act. कई इनडायरेक्ट टैक्स जैसे एक्साइज ड्यूटी, कस्टम ड्यूटी, वैट, सर्विस टैक्स आदि की जगह अब सिर्फ GST लगाया जाता है. इस टैक्स को साल 2017 में लागू किया गया था.

Published date india.com Updated: August 15, 2025 7:02 PM IST
PM मोदी के ऐलान के बाद एक्शन में सरकार, GST का 5% और 18% स्लैब करने के लिए काउंसिल को भेजा प्रस्ताव
मोदी सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 15 अगस्त को 79वें स्वतंत्रता दिवस (Independence Day 2025) के मौके पर लाल किले से एक गुड न्यूज शेयर की. उन्होंने दीपावाली तक टैक्स कम करने वाली GST रिफॉर्म्स स्कीम (GST Reform Scheme) लाने की बात कही है. PM मोदी ने कहाइस साल दिवाली में बड़ा तोहफा मिलने वाला है. GST को आए 8 साल हो चुके हैं. हमने उसका रीव्यू किया. उसका रिफॉर्म कर टैक्सेशन को सरल किया है. हम नेक्स्ट जेनरेशन GST रिफॉर्म्स लेकररहे हैं. इससे लोगों को बहुत फायदा होगा. PM मोदी के ऐलान के बाद शक्रवार शाम को ही केंद्र ने GST काउंसिल के मंत्रिसमूह (GoM) को GST दरों के सरलीकरण और सुधारों का प्रस्ताव भेजा है. इसमें GST के 4 स्लैब को घटाकर 2 करने और 5% और 18% स्लैब रखने की सिफारिश की गई है.

अभी GST में 5%, 12%, 18% और 28% के चार स्लैब हैं. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सरकार 12% GST स्लैब को पूरी तरह से खत्म करने या 12% टैक्स वाले आइटम्स को 5% स्लैब में ला सकती है. इस बदलाव में मिडिल-क्लास और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के इस्तेमाल में आने वाले आइटम्स शामिल होंगे.

हेल्थ और इंश्योरेंस प्रोडक्ट पर कम हो सकता है टैक्स
सूत्रों ने आगे बताया कि सरकार ने किसानों, हेल्थ और इंश्योरेंस से जुड़े प्रोडक्ट पर टैक्स रेट कम रखने का प्रस्ताव दिया है. जबकि, तंबाकू और पान मसालों जैसे प्रोडक्ट पर 40% तक GST लगाया जा सकता है.

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GST काउंसिल की अगली बैठक में प्रस्ताव पर होगी चर्चा
GST काउंसिल की अगली मीटिंग सितंबर में होनी है. इस बैठक में GoM की सिफारिशों पर चर्चा होगी और इन सुधारों को जल्द लागू करने की कोशिश होगी. अगर GST काउंसिल की बैठक में केंद्र के इस प्रस्ताव पर मंजूरी बन जाती है, तो आम आदमी के लिए बड़ी राहत वाली बात होगी. GST के 2 स्लैब होने से रोजमर्रा के काम आने वाली चीजें जैसे टूथपेस्ट, साबुन, सैनिटरी नैपकिन, हेयर ऑयल, छाता और खान-पान के सामान पहले से कुछ सस्ते हो जाएंगे.

अभी इन प्रोडक्ट पर लगता है 28% GST
मौजूदा समय में 35 प्रोडक्ट ऐसे हैं, जिनपर सबसे ज्यादा GST वसूला जाता है. इनमें सीमेंट, व्हीकल पार्ट्स, टायर, व्हीकल इक्यूपमेंट, मोटर व्हीकल, याट, प्लेन, एरेटेड ड्रिंक, तंबाकू, सिगरेट और पान मसाला शामिल हैं. ऐसे सामानों पर 28% GST लगता था. साल 2017 में जब GST लागू हुआ था, तब 28% स्लैब में कुल 226 प्रोडक्ट थे. धीरे-धीरे इस स्लैब से प्रोडक्ट हटाए गए.

इन प्रोडक्ट पर वसूला जाता है 12% GST
अभी टूथपेस्ट, टूथपाउडर, पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्हीकल, सैनिटरी नैपकिन, रेडिमेड गारमेंट, हेयर ऑयल, शूज, साबुन, डायगोनिस्टिक किट, छाते, सिलाई मशीन, आयुर्वेदिक या यूनानी दवाएं, वॉटर फिल्टर, प्रेशर कूकर, एल्युमिनियम और स्टील के कूकवेयर, इलेक्ट्रिक आयरन, मैप्स और ग्लोब्स, ड्राइंग और कलरिंग बुक्स पर 12% GST लगाया जाता है.

कब लागू हुआ था GST?
मोदी सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था. GST एक इनडायरेक्ट टैक्स है. इसके लागू होते ही केंद्र और राज्य सरकारों के 17 टैक्स और 13 सरचार्ज हटा दिए गए थे. इनमें कई इनडायरेक्ट टैक्स जैसे VAT, सर्विस टैक्स, परचेज टैक्स, एक्साइज ड्यूटी शामिल हैं.

कितने तरह के GST हैं और इनके मायने क्या हैं?
CGST या सेंट्रल GST- इसे केंद्र सरकार वसूलती है. SGST या स्टेट GST, जिसे राज्य सरकारें वसूलती हैं. इंटिग्रेटेड GST, जिसे 2 राज्यों के बीच कारोबार होने पर लगाया जाता है. इसे केंद्र सरकार वसूलकर दोनों राज्यों में बराबर बांट देती है. इसके अलावा यूनियन टेरेटरी GST भी है, जिसे यूनियन गवर्नमेंट द्वारा एडिमिनिस्ट्रेट किए जाने वाले गुड्स, सर्विस या दोनों पर लगाया जाता है. इसे भी केंद्र सरकार वसूलती है.

अभी GST का कितना कलेक्शन?
GST को लागू हुए 8 साल हो गए हैं. फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में ग्रॉस GST कलेक्शन 22.08 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था. ये 5 साल पहले 2020-21 में सिर्फ 11.37 लाख करोड़ था. अब तक का हाईएस्ट GST कलेक्शन मजबूत डोमेस्किट मार्केट और इकोनॉमी का इंडिकेटर भी है. (IANS इनपुट के साथ)

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