Government Guidelines OLA Uber: ओला (Ola) और उबर (Uber) जैसी कैब एग्रीगेटर कंपनियां अब आपसे मनमाना किराया नहीं वसूल सकेंगी. बता दें कि पीक आवर्स के दौरान ओला-उबर कैब किराए में कई गुना बढ़ोतरी कर देती हैं. लेकिन अब सरकार ने इन कंपनियों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है. सरकार ने शुक्रवार को ओला (Ola) और उबर (Uber) जैसी कैब एग्रीगेटर कंपनियों के ऊपर मांग बढ़ने पर किराए बढ़ाने की एक सीमा लगा दी है. अब ये कंपनियां मूल किराए के डेढ़ गुने से अधिक किराया नहीं वसूल सकेंगी. Also Read - Farmers Meeting Today 21 January 2021: सरकार के प्रस्ताव से किसान खुश, क्या कल खत्म हो जाएगा आंदोलन

सरकार का यह कदम अहम इसलिए भी हो जाता है, क्योंकि लोग कैब सेवाएं देने वाली कंपनियों के अधिकतम किराए पर लगाम लगाने की लंबे समय से मांग कर रहे थे. बता दें कि ये पहली बार है जब भारत में ओला और उबर जैसे कैब एग्रीगेटर्स को रेग्यूलेट करने के लिए सरकार ने दिशानिर्देश जारी किए हैं. Also Read - केंद्रीय कर्मचारियों के 20 दिन की Earned Leave लेने की अनिवार्यता का सरकार ने किया खंडन, कहा- अटकलों से बचे मीडिया

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश 2020 (Motor Vehicle Aggregators Guidelines 2020) के अनुसार, ‘एग्रीगेटर कंपनियों को मूल किराए के 50 प्रतिशत तक न्यूनतम किराए और डेढ़ गुने तक अधिकतम किराए वसूलने की मंजूरी दी जाती है.’ Also Read - सरकारी कर्मचारियों-पेंशनरों के लिए बड़ी खुशखबरी, केंद्र सरकार जल्द देगी 28% महंगाई भत्ता

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रत्येक सवारी (राइड) पर लागू किराए का कम से कम 80 प्रतिशत हिस्सा एग्रीगेटर के साथ जुड़े वाहन के चालक को मिलेगा. शेष हिस्सा एग्रीगेटर कंपनियां रख सकती हैं.