Government Guidelines OLA Uber: ओला (Ola) और उबर (Uber) जैसी कैब एग्रीगेटर कंपनियां अब आपसे मनमाना किराया नहीं वसूल सकेंगी. बता दें कि पीक आवर्स के दौरान ओला-उबर कैब किराए में कई गुना बढ़ोतरी कर देती हैं. लेकिन अब सरकार ने इन कंपनियों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है. सरकार ने शुक्रवार को ओला (Ola) और उबर (Uber) जैसी कैब एग्रीगेटर कंपनियों के ऊपर मांग बढ़ने पर किराए बढ़ाने की एक सीमा लगा दी है. अब ये कंपनियां मूल किराए के डेढ़ गुने से अधिक किराया नहीं वसूल सकेंगी.Also Read - 7th Pay Commission Latest Update: केंद्र सरकार के कर्मचारियों को इस तारीख से पहले मिल सकता है पेंडिंग DA का बकाया

सरकार का यह कदम अहम इसलिए भी हो जाता है, क्योंकि लोग कैब सेवाएं देने वाली कंपनियों के अधिकतम किराए पर लगाम लगाने की लंबे समय से मांग कर रहे थे. बता दें कि ये पहली बार है जब भारत में ओला और उबर जैसे कैब एग्रीगेटर्स को रेग्यूलेट करने के लिए सरकार ने दिशानिर्देश जारी किए हैं. Also Read - Omicron In India: केंद्र ने राज्यों को भेजा सुझाव, वार रूम्स को करें सक्रिय, जरूरत पड़ने पर लगाएं नाइट कर्फ्यू; जानें- 10 बड़ी बातें

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश 2020 (Motor Vehicle Aggregators Guidelines 2020) के अनुसार, ‘एग्रीगेटर कंपनियों को मूल किराए के 50 प्रतिशत तक न्यूनतम किराए और डेढ़ गुने तक अधिकतम किराए वसूलने की मंजूरी दी जाती है.’ Also Read - J&K में आर्टिकल 370 हटने के बाद कितने बाहरी लोगों ने प्‍लाट खरीदे, केंद्र सरकार ने दिया ये जवाब

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रत्येक सवारी (राइड) पर लागू किराए का कम से कम 80 प्रतिशत हिस्सा एग्रीगेटर के साथ जुड़े वाहन के चालक को मिलेगा. शेष हिस्सा एग्रीगेटर कंपनियां रख सकती हैं.