RBI News: केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के परामर्श से वित्तवर्ष 2021-22 की दूसरी छमाही (H2) के लिए अपने उधार कार्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया है. केंद्रीय बजट में वित्तवर्ष 22 के लिए अनुमानित 12.05 लाख करोड़ रुपये के सकल बाजार उधार में से, 7.24 लाख करोड़ रुपये (60 प्रतिशत) पहली छमाही (H1) में उधार लेने की योजना बनाई गई है. हालांकि, वित्तवर्ष 2021-22 की पहली छमाही में प्रभावी उधारी 7.02 लाख करोड़ रुपये थी.Also Read - RBI Latest News: आरबीआई ने एनबीएफसी पर निर्देशों को न मानने वाले लेखा परीक्षक को किया प्रतिबंधित

सरकार अब वित्तवर्ष 2021-22 की दूसरी छमाही (एच2) में शेष 5.03 लाख करोड़ रुपये उधार लेने की योजना बना रही है. वित्तवर्ष 2021-22 की दूसरी छमाही के अनुमान में वर्ष के दौरान जीएसटी मुआवजे के एवज में बैक-टू-बैक ऋण सुविधा के कारण राज्यों को शेष राशि जारी करने की आवश्यकताएं भी शामिल हैं. Also Read - RBI Rate Hike: 2022 की पहली तिमाही से RBI बढ़ा सकती है ब्याज दरें: रिपोर्ट

एच1 में उधारी 6.19 प्रतिशत पर भारित औसत उपज और 16.69 वर्षों पर भारित औसत परिपक्वता के साथ आसानी से पूरी हो गई है. पहली छमाही में सभी प्रमुख निवेशक वर्गों से सरकारी बांडों की अच्छी मांग देखी गई और प्रतिफल स्थिर बना रहा. Also Read - पेट्रोल, डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर, रिजर्व बैंक ने कहा, 'हम चिंता जता चुके हैं, अब गेंद सरकार के पाले में'

सरकार की एच2 उधार राशि 5.03 लाख करोड़ रुपये के 24,000/23,000 करोड़ रुपये के 21 साप्ताहिक किस्तों में लेने की योजना है. उधार 2, 5, 10, 14, 30 और 40 साल की प्रतिभूतियों और फ्लोटिंग रेट बॉन्ड (7-8 और 13 साल की अवधि) के तहत फैलाए जाएंगे.

विभिन्न परिपक्वताओं के तहत उधार का हिस्सा होगा : 2 वर्ष – 4 प्रतिशत, 5 वर्ष – 11.9 प्रतिशत, 10 वर्ष – 28.4 प्रतिशत, 14 वर्ष – 17.9 प्रतिशत, 30 वर्ष – 13.9 प्रतिशत, और 40 वर्ष – 15.1 प्रतिशत. फ्लोटिंग रेट बॉन्ड के तहत उधार 8.8 फीसदी होगा.

सरकार 13 साल के अलावा 7-8 साल का एक और फ्लोटिंग रेट बॉन्ड जारी करेगी. दोनों को वैकल्पिक आधार पर जारी किया जाएगा.

सरकार आने वाले वर्षों में मोचन को सुगम बनाने के लिए प्रतिभूतियों की अदला-बदली करना जारी रखेगी.

वित्तवर्ष 2021-22 की तिमाही 3 में ट्रेजरी बिलों के तहत साप्ताहिक उधारी तिमाही के दौरान (-) 1.04 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध उधारी के साथ 20,000 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है. तिमाही के दौरान 91 डीटीबी के तहत 10,000 करोड़ रुपये, 182 डीटीबी के तहत 3,000 करोड़ रुपये और 364 डीटीबी के तहत 7,000 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे.

सरकारी खातों में अस्थायी बेमेल से निपटने के लिए, आरबीआई ने एच2 के लिए वेज एंड मीन एडवांस (WMA) की सीमा 50,000 करोड़ रुपये तय की है.

(With IANS Inputs)