Growing Market Of Organized Gold Loan Expected To Reach Rs 10 Lakh Crore By The End Of The Year
आर्गेनाइज्ड गोल्ड लोन का बढ़ता मार्केट, साल के अंत तक 10 लाख करोड़ होने की उम्मीद
भारत में आर्गेनाइज्ड गोल्ड लोन मार्केट 2027 तक 15 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ने की उम्मीद है. सरकारी बैंकों की हिस्सेदारी 63 प्रतिशत रहेगी, जबकि एनबीएफसी की हिस्सेदारी 17-19 प्रतिशत तक बढ़ सकती है.
Gold Loan Market: भारत में गोल्ड लोन का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है. 2027 तक यह 15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. इस साल, यह 10 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ने की उम्मीद है.
गोल्ड लोन क्या है?
गोल्ड लोन का मतलब है कि लोग अपने सोने के गहनों या बार को बैंक या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के पास गिरवी रखकर पैसे उधार लेते हैं. यह एक आसान तरीका है पैसे पाने का.
बैंक और एनबीएफसी की हिस्सेदारी
रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी बैंकों की गोल्ड लोन में हिस्सेदारी बहुत ज्यादा है. मार्च 2024 तक, उनकी हिस्सेदारी 63 प्रतिशत रहने की उम्मीद है. 2019 में यह 54 प्रतिशत थी. वहीं, एनबीएफसी और प्राइवेट बैंकों की हिस्सेदारी में थोड़ी कमी आई है.
एनबीएफसी की बढ़ती हिस्सेदारी
एनबीएफसी का गोल्ड लोन में हिस्सा बढ़ सकता है. यह 17 से 19 प्रतिशत तक पहुँच सकता है. हाल के समय में, एनबीएफसी ने गोल्ड लोन में वृद्धि देखी है. यह वृद्धि अन्य लोन उत्पादों जैसे माइक्रो-फाइनेंस और पर्सनल लोन से प्रभावित हुई है.
पिछले वर्षों की वृद्धि दर
गोल्ड लोन मार्केट पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है. वित्त वर्ष 2020 से 2024 के बीच, यह 25 प्रतिशत की दर से बढ़ा. इस दौरान, बैंकों के गोल्ड लोन में 26 प्रतिशत और एनबीएफसी के गोल्ड लोन में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
रिटेल गोल्ड लोन की सफलता
रिटेल गोल्ड लोन की वृद्धि भी रिकॉर्ड रही है. इसे 32 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है. यह वृद्धि छोटे आधार के कारण है, जिसका मतलब है कि यह क्षेत्र अब भी विकसित हो रहा है.
Add India.com as a Preferred Source
भविष्य की संभावनाएं
आईसीआरए के अनुसार, एनबीएफसी की गोल्ड लोन बुक वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 17 से 19 प्रतिशत हो सकती है. इसके बाद, 2026 से 2027 के बीच इसमें 14 से 15 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है.
गौरतलब है कि गोल्ड लोन का मार्केट बढ़ रहा है, और इससे लोगों को आसानी से पैसे मिल रहे हैं. यह एक सुरक्षित और लोकप्रिय विकल्प बनता जा रहा है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Business Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.