नई दिल्ली। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक ने एक महीने में चार बार से अधिक करेंसी जमा करने या निकासी पर न्यूनतम 150 रुपये शुल्क लगाना शुरू कर दिया है। एक्सिस बैंक ने भी इसी तरह का कदम उठाया है। एचडीएफसी बैंक ने एक सर्कुलर में कहा कि यह शुल्क बचत के साथ-साथ वेतन खातों पर भी लगेगा। यह बुधवार से प्रभाव में आ गया है।

सर्कुलर के अनुसार, एचडीएफसी बैंक ने थर्ड पार्टी के लिये नकद लेनदेन की सीमा 25,000 रुपये प्रतिदिन तय की। इसके अलावा नकद रखरखाव शुल्क वापस लिया जाएगा। ये सभी बुधवार से प्रभाव में आ गए हैं। इस कदम को नकद लेन-देन को हतोत्साहित करने और डिजिटल भुगतान अभियान को रफ्तार देने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।

शून्य जमा वाले खातों के लिये अधिकतम चार बार मुफ्त नकद निकासी की सीमा जारी रहेगी और नकद जमा पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। आईसीआईसीआई बैंक के मामले में शुल्क वही रहेंगे जो आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा से पहले थी। कुछ अन्य मामलों में ऐसे शुल्क में वृद्धि की गई है।

आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट के मुताबिक मूल शाखा (जहां खाताधारका का खाता है) में एक एक महीने में पहले चार लेन-देन के लिये कोई शुल्क नहीं लगेगा। उसके बाद प्रति 1,000 रुपये पर 5 रुपये का शुल्क लगाया जाएगा। यह समान महीने के लिये न्यूनतम 150 रुपये होगा। तीसरे पक्ष के मामले में सीमा 50,000 रुपये प्रतिदिन होगी। मूल शाखा के अलावा अन्य शाखाओं के मामले में आईसीआईसीआई बैंक एक महीने में पहली नकद निकासी के लिये कोई शुल्क नहीं लेगा। पर उसके बाद प्रति 1,000 रुपये पर 5 रुपये का शुल्क लेगा। इसके लिये न्यूनतम शुल्क 150 रुपये रखा गया है।

कहीं भी नकद जमा के लिये आईसीआईसीआई बैंक 5 रपये प्रति हजार (न्यूनतम 150 रुपये) शुल्क लेगा। वहीं नकद स्वीकार करने वाली मशीन में एक महीने में पहली बार नकद जमा मुफ्त होगा और उसके बाद 5 रुपये प्रति 1,000 रुपये शुल्क लगेगा।

एक्सिस बैंक में पहले पांच लेन-देन या 10 लाख रुपए नकद जमा या निकासी मुफ्त होगी। उसके बाद प्रति 1,000 रुपये पर 5 रुपये या 150 रुपये शुल्क जो भी अधिक हो, लगेगा। अभी यह पता नहीं चला है कि क्या सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने भी इसी प्रकार का कोई कदम उठाया है। इस बारे में संपर्क किये जाने पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार की तरफ से इस संदर्भ में बैंकों को कोई निर्देश नहीं मिला है।