प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक(HDFC) ने अक्टूबर से दिसंबर महीने के बीच लगभग 4,500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इस कदम के साथ प्राइवेट सेक्टर के सबसे अहम लेंडिंग बैंक ने साफ संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में आर्थिक हालात नहीं सुधरे तो अगले कुछ महीनों में कर्मचारियों को निकालने की सिलसिला ऐसे ही जारी रहेगा।

दिसंबर तिमाही में बैंक की मुनाफा वृद्धि दर सबसे कम यानी 15 प्रतिशत रही। 31 दिसंबर, 2016 को बैंक के कर्मचारियों की संख्या घटकर 90,421 पर आ गई, जो 30 सितंबर, 2016 को 95,002 थी। ईमेल के जरिये भेजे जवाब में बैंक ने कहा है कि उसके कर्मचारियों की संख्या में कमी की प्रमुख वजह प्रणाली की दक्षता तथा नियुक्तियों में कमी है।

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गौरतलब है कि यह पहला मौका है जब किसी बैंक ने एक तिमाही में इतने लोगों को नौकरी से निकाल दिया है। एचडीएफसी बैंक के मुताबिक कर्मचारियों में इस कटौती के लिए नैचुरल एट्रीशन (नौकरी बदलने वाले कर्मचारी) के साथ-साथ बैंक द्वारा तीसरी तिमाही में कम कर्मचारियों की भर्ती जिम्मेदार है।

जहां सितंबर 2016 में बैंक के 95,002 कर्मचारी थे, वहीं दिसंबर 2016 तक सिर्फ 90,421 कर्मचारी रह गए। कर्मचारियों की ज्यादातर कटौती बैंक के रीटेल कारोबार को बढ़ाने वाली टीम में हुई है।