
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
Loan Balance Transfer Benefits: फाइनेंशियल क्राइसिस किसी के साथ और कभी भी हो सकती है. इमरजेंसी के वक्त जब हमें पैसों की जरूरत पड़ती है तो हम परिवार, दोस्तों या नाते-रिश्तेदारों से मांगते हैं. जब पैसों का जुगाड़ नहीं हो पाता, तो हमारे पास बैंक से पर्सनल लोन लेने का ऑप्शन रहता है. इसी तरह घर खरीदने के लिए होम लोन और कार खरीदने के लिए व्हीकल लोन लिया जाता है. कुछ लोग आगे की पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन और खुद का काम शुरू करने के लिए बिजनेस लोन लेते हैं. कोई भी लोन लेने के बाद इसकी समय पर EMI चुकाना और ब्याज का पेमेंट करना एक बड़ी चुनौती होती है.
होम लोन चूंकि सिक्योर्ड लोन में आता है, इसलिए इस पर ब्याज कम होता है. लेकिन, अनसिक्योर्ड कैटेगरी में आने के कारण पर्सनल लोन पर बहुत ज्यादा ब्याज लगता है. कई बार हमें लोन लेने के बाद मालूम चलता है कि दूसरे किसी बैंक में होम लोन या पर्सनल लोन का इंटरेस्ट कम है. ऐसे में हम अफसोस करते हैं कि काश इस बैंक से ही लोन लिया होता. परेशान होने की जरूरत नहीं है. आपके पास अपने लोन को ट्रांसफर करने का भी ऑप्शन होता है.
होम लोन, पर्सनल लोन, व्हीकल लोन या एजुकेशन लोन देने वाले बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन आपको लोन दूसरे लेंडर को ट्रांसफर करने की सुविधा देते हैं. यानी आप अपने मौजूदा बैंक से लिया गया लोन का बकाया रकम दूसरे किसी बैंक में ट्रांसफर कर सकते हैं. इसका एक प्रोसेस होता है और फीस भी लगती है.
लोन ट्रांसफर करने से पहले इन 5 बातों का रखें ध्यान
होम लोन हो या पर्सनल लोन… इसका बैलेंस दूसरे बैंक में ट्रांसफर करते समय आपको कुछ जरूरी बातों पर गौर करना चाहिए:-
अतिरिक्त खर्च: ये प्रोसेसिंग फीस, स्टाम्प ड्यूटी, टेक्निकल और लीगल चार्जेस ट्रांसफर को महंगा बना सकते हैं. आमतौर पर बैंक 0.35% to 1% तक का प्रोसेसिंग चार्ज लेती है. आप जिस बैंक में अपना बकाया लोन ट्रांसफर करना चाहते हैं, उसके प्रोसेसिंग चार्जेंस और बाकी हिडेन चार्जेस को अच्छे से समझ लें.
कम अवधि में कम फायदा: अगर लोन की अधिकांश किस्तें पहले ही भर दी गई हैं, तो बचत बहुत कम होती है. इसलिए लीगल और एडमिनिस्ट्रेटिव बातों की जानकारी ले लें.
दस्तावेजी झंझट: नए बैंक के साथ पूरा KYC, वैल्यूएशन और अन्य कागजी प्रक्रिया समय लेने वाली होती है. मौजूदा बैंक के पास आपकी सारी डिटेल होती है. इससे आपका समय बचता है.
क्रेडिट स्कोर पर असर: बार-बार ट्रांसफर या कोई गलती, क्रेडिट प्रोफाइल को नुकसान पहुंचा सकती है. आपको कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस और हिडेन कॉस्ट की जानकारी भी ले लेनी चाहिए.
पेनाल्टी और चार्जेस: हो सकता है कि लोन ट्रांसफर करने पर आपका पुराना लेंडर पेनाल्टी लगाए और नया लेंडर भी रिपेमेंट पेनाल्टी वसूले. इसकी भी जांच जरूर कर लें. वैसे फ्लोटिंग रेट लोन पर कोई रिपेमेंट पेनाल्टी नहीं लगती. फिक्स्ड रेट लोन पर कुछ पेनाल्टी लगती है.
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