ब्याज चुकाते हो गए परेशान तो ट्रांसफर करवा लें अपना होम या पर्सनल लोन, जान लें इसके फायदे और पूरा प्रोसेस

होम लोन, पर्सनल लोन, व्हीकल लोन या एजुकेशन लोन देने वाले बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन आपको लोन दूसरे लेंडर को ट्रांसफर करने की सुविधा देते हैं. यानी आप अपने मौजूदा बैंक से लिया गया लोन का बकाया रकम दूसरे किसी बैंक में ट्रांसफर कर सकते हैं.

Published date india.com Updated: October 16, 2025 6:15 PM IST
ब्याज चुकाते हो गए परेशान तो ट्रांसफर करवा लें अपना होम या पर्सनल लोन, जान लें इसके फायदे और पूरा प्रोसेस
होम लोन का बैलेंस ट्रांसफर लोन मिलने के तुरंत या एक-2 साल के अंदर नहीं होगा.

Loan Balance Transfer Benefits: फाइनेंशियल क्राइसिस किसी के साथ और कभी भी हो सकती है. इमरजेंसी के वक्त जब हमें पैसों की जरूरत पड़ती है तो हम परिवार, दोस्तों या नाते-रिश्तेदारों से मांगते हैं. जब पैसों का जुगाड़ नहीं हो पाता, तो हमारे पास बैंक से पर्सनल लोन लेने का ऑप्शन रहता है. इसी तरह घर खरीदने के लिए होम लोन और कार खरीदने के लिए व्हीकल लोन लिया जाता है. कुछ लोग आगे की पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन और खुद का काम शुरू करने के लिए बिजनेस लोन लेते हैं. कोई भी लोन लेने के बाद इसकी समय पर EMI चुकाना और ब्याज का पेमेंट करना एक बड़ी चुनौती होती है.

होम लोन पर कम और पर्सनल लोन पर लगता है सबसे ज्यादा ब्याज

होम लोन चूंकि सिक्योर्ड लोन में आता है, इसलिए इस पर ब्याज कम होता है. लेकिन, अनसिक्योर्ड कैटेगरी में आने के कारण पर्सनल लोन पर बहुत ज्यादा ब्याज लगता है. कई बार हमें लोन लेने के बाद मालूम चलता है कि दूसरे किसी बैंक में होम लोन या पर्सनल लोन का इंटरेस्ट कम है. ऐसे में हम अफसोस करते हैं कि काश इस बैंक से ही लोन लिया होता. परेशान होने की जरूरत नहीं है. आपके पास अपने लोन को ट्रांसफर करने का भी ऑप्शन होता है.

क्या होता है लोन बैलेंस ट्रांसफर?

होम लोन, पर्सनल लोन, व्हीकल लोन या एजुकेशन लोन देने वाले बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन आपको लोन दूसरे लेंडर को ट्रांसफर करने की सुविधा देते हैं. यानी आप अपने मौजूदा बैंक से लिया गया लोन का बकाया रकम दूसरे किसी बैंक में ट्रांसफर कर सकते हैं. इसका एक प्रोसेस होता है और फीस भी लगती है.

होम लोन बैलेंस ट्रांसफर के फायदे

  • होम लोन का बैलेंस ट्रांसफर लोन मिलने के तुरंत या एक-2 साल के अंदर नहीं होगा.
  • अगर आप लोन का रिपेमेंट टाइम से कर रहे हैं. लोन रिपेमेंट के मिड टेन्योर तक पहुंच चुके हैं, तब आप इसे बची रकम ट्रांसफर करा सकते हैं.
  • इसका सीधा फायदा आपको ब्याज पर देखने को मिलेगा. नया लेंडर आपको कम ब्याज दर ऑफर करता है. ब्याज में 0.5% की कमी भी पूरे टेन्योर में लाखों रुपये की बचत करा सकता है.
  • मान लीजिए आपने 30 साल के लिए 50 लाख का होम लोन 9% के इंटरेस्ट पर ले चुके हैं. इसके लिए आप हर महीने ₹40,231 की EMI देते हैं.
  • अगर आप 10 साल बाद अपना लोन दूसरे लेंडर को ट्रांसफर करते हैं और वो आपको 8.5% का इंटरेस्ट देता है, तो आपकी EMI घटकर ₹38,446 पर आ जाएगी. ऐसे में आपको टोटल 6.43 लाख रुपये की बचत होगी.
  • लोन ट्रांसफर में आपको नए लेंडर की तरफ से दो ऑप्शन मिलते हैं. आप EMI कम करा सकते हैं या लोन को जल्दी खत्म करने के लिए टेन्योर को कम करा सकते हैं.
  • होम लोन ट्रांसफर कराते समय आप नए लेंडर की ओर से बेहतर कस्टमर सर्विस और जीरे प्रीपेमेंट ऑफर पा सकते हैं.
  • नए लेंडर की तरफ से आपको टॉप-अप लोन का ऑफर भी मिल जाता है. ये पर्सनल लोन के मुकाबले काफी सस्ता पड़ता है.
  • लोन ट्रांसफर कराने से आपके क्रेडिट स्कोर में सुधार होता है. इससे भविष्य में दूसरा लोन आसानी से पाने के चांसेस बढ़ जाते हैं.

पर्सनल लोन बैलेंस ट्रांसफर के फायदे

  • जो बैंक पर्सनल लोन बैलेंस ट्रांसफर की सुविधा देते हैं, उनकी इंटरेस्ट रेट कम होती है. ऐसे में अगर आपकी बकाया राशि ज्यादा है, तो बैलेंस ट्रांसफर करने पर आपको लोन पर टोटल ब्याज कम देना होता है.
  • पर्सनल लोन बैलेंस ट्रांसफर करने से आपको अपने लोन के लिए लंबा टेन्योर चुनने का ऑप्शन भी मिलता है. इससे आपकी मंथली EMI का बोझ काफी कम हो जाता है.
  • आपको नए बैंक से टॉप-अप पर्सनल लोन की सुविधा भी मिल सकती है. ये नए लोन के मुकाबले सस्ता पड़ता है और बिना झंझटों और पेपर वर्क के मिल जाता है.
  • होम लोन की तरह ही पर्सनल लोन को ट्रांसफर कराने से आपको नए लेंडर की ओर से बेहतर कस्टमर सर्विस और जीरे प्रीपेमेंट ऑफर मिल जाता है.

लोन ट्रांसफर करने से पहले इन 5 बातों का रखें ध्यान
होम लोन हो या पर्सनल लोनइसका बैलेंस दूसरे बैंक में ट्रांसफर करते समय आपको कुछ जरूरी बातों पर गौर करना चाहिए:-

अतिरिक्त खर्च: ये प्रोसेसिंग फीस, स्टाम्प ड्यूटी, टेक्निकल और लीगल चार्जेस ट्रांसफर को महंगा बना सकते हैं. आमतौर पर बैंक 0.35% to 1% तक का प्रोसेसिंग चार्ज लेती है. आप जिस बैंक में अपना बकाया लोन ट्रांसफर करना चाहते हैं, उसके प्रोसेसिंग चार्जेंस और बाकी हिडेन चार्जेस को अच्छे से समझ लें.

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कम अवधि में कम फायदा: अगर लोन की अधिकांश किस्तें पहले ही भर दी गई हैं, तो बचत बहुत कम होती है. इसलिए लीगल और एडमिनिस्ट्रेटिव बातों की जानकारी ले लें.

दस्तावेजी झंझट: नए बैंक के साथ पूरा KYC, वैल्यूएशन और अन्य कागजी प्रक्रिया समय लेने वाली होती है. मौजूदा बैंक के पास आपकी सारी डिटेल होती है. इससे आपका समय बचता है.

क्रेडिट स्कोर पर असर: बार-बार ट्रांसफर या कोई गलती, क्रेडिट प्रोफाइल को नुकसान पहुंचा सकती है. आपको कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस और हिडेन कॉस्ट की जानकारी भी ले लेनी चाहिए.

पेनाल्टी और चार्जेस: हो सकता है कि लोन ट्रांसफर करने पर आपका पुराना लेंडर पेनाल्टी लगाए और नया लेंडर भी रिपेमेंट पेनाल्टी वसूले. इसकी भी जांच जरूर कर लें. वैसे फ्लोटिंग रेट लोन पर कोई रिपेमेंट पेनाल्टी नहीं लगती. फिक्स्ड रेट लोन पर कुछ पेनाल्टी लगती है.

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