Honey Adulteration Business: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से कुछ ब्रांडेड शहद में मिलावट मामले में उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. साथ ही कार्रवाई करने के लिए जांच में सहयोग की भी पेशकश की है.Also Read - FSSAI Admit Card 2021: 7वें फूड एनालिस्‍ट और चौथे जूनियर फूड एनालिस्‍ट के लि‍ये एडमिट कार्ड जारी, चेक करें

बता दें, पिछले हफ्ते पर्यावरण संबंधी गतिविधियों पर नजर रखने वाली संस्था सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (CSE) ने दावा किया था कि भारत में बेचे जा रहे कई ब्रांडेड शहद में चीनी की मिलावट पाई गई है. हालांकि, कंपनियों ने इन दावों को खारिज कर दिया. Also Read - FSSAI Recruitment 2021: FSSAI में 300 से ज्यादा पदों के लिए वैकेंसी, क्या चाहिए योग्यता और आवेदन का तरीका जानें यहां...

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर शहद में मिलावट की खबरों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग को खबर मिली है कि बाजार में बेचे जा रहे अधिकतर ब्रांडेड शहद में चीनी की मिलावट है. यह गंभीर मसला है और कोविड-19 महामारी के दौर में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. यह कोविड-19 को लेकर जोखिम को बढ़ाने वाला है. Also Read - FSSAI New Logo For Vegan Products : विगन प्रोडक्ट्स के लिए हुआ ऑफिशियल लोगो लॉन्च, विगन और नॉन विगन उत्पादों में कर पाएंगे आसानी से पहचान,

उपभोक्ता मामलों के विभाग ने सीसीपीए को मामले में दखल देने का निर्देश दिया है.

सीसीपीए ने मामले में एफएसएसएआई को उचित कार्रवाई करने के लिए कहा है. सीएसई ने 13 शीर्ष ब्रांड के साथ-साथ कई छोटे ब्रांड के प्रसंस्कृत और कच्चे शहद में शुद्धता की जांच की. सीएसई ने पाया कि 77 फीसदी नमूनों में चीनी की मिलावट पाई गई. परीक्षण किए गए 22 नमूनों में से मात्र पांच ही सभी तरह के परीक्षणों में खरे उतरे.

(Inputs from PTI)