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House Tax Calculation : क्या अभी खरीदे हैं नया घर? यहां जानें कैसे की जाती है हाउस टैक्स की गणना और कहां पर होता है जमा?

House Tax Calculation : House Tax Calculation : अगर आपने अभी हाल ही में नया घर खरीदा है तो उसकी मरम्मत पर होने वाले खर्च के साथ-साथ हाउस टैक्स आदि के बारे में भी होने वाले खर्च के बारे में जानकारी होना आवश्यक है.

Updated: November 10, 2022, 9:51 AM IST

House Tax Calculation : संपत्ति की ख़रीदारी करना काफी जटिल प्रक्रिया है. इसमें काफी बड़ी पूजी की जरूरत पड़ती है. किसी को बड़ी रकम निवेश करने की आवश्यकता होती है. इतना ही नहीं, जब आप नए घर के मालिक बन जाते हैं, तो उसके बाद भी घर को अच्छे से बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण राशि खर्च करनी पड़ती है. इसमें पेंट से लेकर या छत के वॉटरप्रूफ कराने तक का खर्च शामिल होता है.

इसके अलावा, घर के मालिक को नगरपालिका या प्राधिकरण या क्षेत्र के निगम को संपत्ति कर या गृह कर के रूप में भुगतान करना पड़ता है.

जानें- क्या होता है हाउस टैक्स?

स्थानीय नगरपालिका प्राधिकरण अन्य सुविधाओं के साथ-साथ पार्क, सीवर सिस्टम, सड़क और स्ट्रीट लाइट जैसी नागरिक सुविधाओं और सेवाओं को बनाए रखने के लिए संपत्ति कर एकत्र किया जाता है.

खाली पड़े भूखंड पर नहीं लगाया जाता टैक्स

यह टैक्स संपत्ति के मालिक से वसूला जाता है. भारत में, बिना किसी निर्माण के खाली भूखंडों पर टैक्स नहीं लगाया जाता है.

स्थानीय अधिकारी हाउस टैक्स जमा करते हैं. इसकी दर अलग-अलग राज्यों, शहरों और क्षेत्रों में अलग-अलग हो सकती है.

कैसे की जाती है हाउस टैक्स की गणना?

विभिन्न नगरपालिका अधिकारियों के लिए हाउस टैक्स की गणना करने का तरीका अलग-अलग होता है. इसके लिए तीन पद्धतियां हैं, जिनके माध्यम से हाउस टैक्स एकत्र किया जाता है.

सालाना रेंट प्राइस सिस्टम

इसके जरिए हाउस टैक्स की गणना संपत्ति के वार्षिक किराया मूल्य के आधार पर की जाती है. यह संपत्ति पर एकत्रित वास्तविक किराए की राशि को संदर्भित नहीं करता है.

इसके बजाय, यह नगरपालिका प्राधिकरण द्वारा तय किया गया निश्चित किराये का मूल्य है, जो घर के स्थान, आकार या स्थिति जैसे कारकों पर निर्भर करता है.

कैपिटल प्राइस सिस्टम

नगरपालिका प्राधिकरण उस पर लगाए जाने वाले टैक्स की गणना करने के लिए संपत्ति के बाजार मूल्य को ध्यान में रखता है.

संपत्ति की कीमत सरकार तय करती है. संपत्ति के स्थान के आधार पर इसमें सालाना संशोधित किया जाता है.

यूनिट वैल्यू सिस्टम

इस प्रणाली में संपत्ति के बिल्ट-अप या कारपेट एरिया के प्रति यूनिट मूल्य पर संपत्ति कर लगाना शामिल है.

जमीन की कीमत, उपयोग और स्थान के आधार पर संपत्ति से अपेक्षित रिटर्न के आधार पर इसकी कीमत तय की जाती है.

कहां जमा करें हाउस टैक्स?

कोई भी व्यक्ति क्षेत्र में स्थानीय नगर निगम के कार्यालय या नगर पालिका द्वारा नामित बैंकों में जाकर हाउस टैक्स जमा कर सकता है.

जिस संपत्ति पर आप कर का भुगतान करना चाहते हैं, उसकी पहचान करने के लिए किसी को संपत्ति कर संख्या या खाता संख्या प्रदान करनी होगी.

मालिक अपने हाउस टैक्स का भुगतान संबंधित राज्य सरकार या स्थानीय नगरपालिका की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भी कर सकते हैं.

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