नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक माल एवं सेवा (जीएसटी) लागू होने के बाद एक भारतीय परिवार को अनाज, खाद्य तेल और सौंदर्य प्रसाधनों समेत अन्य रोजमर्रा जरुरत के सामानों की 8,400 रुपये की मासिक खरीद पर कर में औसतन 320 रुपये तक की बचत हो रही है.

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टैक्स-पर-टैक्स का अंत
वित्त मंत्रालय के एक सूत्र ने उपभोक्ता खर्च आंकड़ों के विश्लेषण का हवाला देते हुए यह बात कही. सरकार ने एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू किया था, जिसके बाद बिक्री कर या वैट और उत्पाद शुल्क जैसे 17 अलग-अलग केंद्रीय और राज्य कर जीएसटी में समायोजित हो गए थे. जीएसटी ने वस्तुओं और सेवाओं पर सभी देशों में एक ही कर दर को लागू करके भारत को न सिर्फ एक कर दर वाला बाजार बनाया, बल्कि पिछली व्यवस्था में मौजूद टैक्स-पर-टैक्स की समस्या को भी समाप्त कर दिया है. उन्होंने कहा कि रोजमर्रा उपयोग की वस्तुओं और सेवाओं पर कर को कम रखा गया है. जिसके चलते उपभोक्ताओं को मासिक खर्च में बचत हो रही है.

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जीएसटी लागू होने से पहले और बाद के परिवार खर्च का विश्लेषण दिखाता है कि खाद्य एवं पेय पदार्थ समेत हेयर ऑयल, टूथपेस्ट, साबुन, वॉशिंग पाउडर और जूते-चप्पल समेत 83 वस्तुओं पर कर की दरें घटी हैं. आंकड़ों के मुताबिक यदि एक परिवार जीएसटी लागू होने के बाद 10 उत्पादों अनाज, खाद्य तेल, चीनी, चॉकलेट, नमकीन और मिठाई, सौंदर्य प्रसाधन, वॉशिंग पाउडर, टाइल्स, फर्नीचर और दरी-कालीन जैसी कॉयर उत्पादों एवं अन्य घरेलू उत्पादों के मद में एक महीने में 8,400 रुपये खर्च करता है तो उसकी मासिक बचत 320 रुपये होगी. उसने कहा कि 8,400 रुपये की वस्तुओं पर जीएसटी के तहत 510 रुपये का कर बनता है. जबकि जीएसटी के पहले इस पर 830 रुपये का कर बनता था. इस लिहाज से ग्राहकों की 320 रुपये की बचत हो रही है. (इनपुट एजेंसी)