जल में रहने वाला दुनिया सबसे बड़ा जीव नील व्हेल है. यह एक मछली है, जो समुद्र में पाई जाती है. इस मछली की उल्टी (vomit) की कीमत करोड़ों रुपये में होती है. जी हां! यह किसी को सुनने में बहुत अजीब लग सकता है लेकिन यह बात सोलह आने सच है. व्हेल मछली की उल्टी अगर किसी को मिल जाए, तो समझ लीजिए कि उसकी किस्मत के ताले खुल गए. अभी थाईलैंड में एक मछुआरे को 100 किलो व्हेल की उल्टी मिली है. यह बिल्कुल स्पष्ट है कि उसकी किस्मत के बंद दरवाजे खुल गए हैं. भारत में तो एक किलो व्हेल की उल्टी करोड़ों रुपये में बिकती है. Also Read - facebook ने मजेदार मीम्स बनाने के लिए लॉन्च की नई ऐप Whale

जानिए-क्या है व्हेल मछली की उल्टी (Vomit)

व्हेल (Whale) के शरीर से जो अपशिष्ट (Waste) निकलता है. इसे वैज्ञानिक व्हेल की उल्टी (Ambergris) या उसका मल कहते हैं. कई बार जब यह अपशिष्ट ज्यादा बड़ा हो जाता है तो व्हेल इसे मुंह से उगल देती है. वैज्ञानिक भाषा में इसे एम्बरग्रिस (Ambergris) कहा जाता है. इसे Ambergris इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह amber जैसा दिखता है. ताजे Ambergris उसकी गंध मल जैसी होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह मिट्टी जैसी होने लगती है.

वैज्ञानिक इसे क्यों मानते हैं तैरता सोना, जानिए-वजह

व्हेल के इस अपशिष्ट का इस्तेमाल परफ्यूम इंडस्ट्री में किया जाता है. इसमें मौजूद अल्कोहल का इस्तेमाल महंगे ब्रैंड परफ्यूम बनाने में किया जाता है. इसकी मदद से परफ्यूम की गंध लंबे समय बनी रह सकती है. इस वजह से इसकी कीमत बेहद ज्यादा होती है. यहां तक कि वैज्ञानिक इसे तैरता हुआ सोना भी मानते हैं. थाइलैंड में जिस मछुआरे को यह टुकड़ा मिला है उसे व्यापारी ने क्वॉलिटी अच्छी साबित होने पर की 25 करोड़ रुपये की पेशकश की है. कई देशों में एम्बरग्रिस (Ambergris) से सुगंधित धूप और अगरबत्ती भी बनाई जाती है. लिहाजा दुनियाभर के बाजारों (International Market) में इसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है.