हर किसी की जिंदगी आपाधापी से भरी हुई है. कौन- कब किस तरह की परेशानी में पड़ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है. आपको कब कितने पैसों के जरूरत पड़ जाए यह भी नहीं पता होता है. आपके ऊपर कभी कोई मेडिकल इमरजेंसी आ सकती है या फिर लॉस ऑफ इनकम भी हो सकती है. इसके बारे में कभी एकांत में बैठकर सोचने की जरूरत होती है. पैसों की जरूरत पड़ने पर अगर आपके पास नहीं होते हैं तो आपके चेहरे पर उदासी छा जाती है. ऐसे में आपको अलग से कुछ सेविंग्स जरूर करनी चाहिए, जिससे आप किसी बड़ी मुसीबत का सामना हंसते हुए कर सकते हैं. आपके चेहरे की मुस्कान हमेशा की तरह बनी रहे जिसके लिए आपको बचत बनाए रखने से सहायता मिल सकती है. इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि आपको इमोशनल सपोर्ट भी रहता है.

इसके लिए वित्तीय सलाहकार इस बात के लिए हमेंशा यह सलाह देते हैं कि आपको हमेशा अलग से एक इमरजेंसी फंड में सेविंग्स करते रहना चाहिए. ताकि इमरजेंसी पड़ने पर आपके सामने तुरंत सॉल्यूशन हो और आपको किसी और का मुंह न ताकना पड़े.

अपने इमरजेंसी फंड के लिए सेविंग्स करने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए और कुछ खास स्टेप्स उठाने चाहिए. इन्ही सबके बारे में हम आपको यहां पर बताने जा रहे हैं कि किस तरह से आप सेविंग कर सकते हैं जो आपको बुरे दिनों में आपके काम आ सकती है.

पहले तो यह समझें कि आपको कितनी बचत करनी चाहिए

समान्यतौर पर यह सलाह दी जाती है कि आपके इमरजेंसी फंड में तीन से छह महीने तक का खर्च चलाने भर के पैसे होने चाहिए. ऐसे में इसके लिए आपको अपने खर्च को समझना होगा कि आप अपने खर्च के हिसाब से कितना बचा सकते हैं. इसके लिए आपको बजट बनाना होगा.

अपना बजट बनाइए और उसका सख्ती से पालन कीजिए. अपने गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करना सीखिए. इससे आपको फंड के लिए पैसे बचाने में मदद मिलेगी. याद रखिए, बूंद-बूंद से घड़ा भरता है. अगर आप छोटी-छोटी से चीज पर भी सोच-समझकर खर्च करेंगे तो भविष्य में चलकर जरूरत के वक्त आपको किसी चीज की कमी नहीं महसूस होगी.

इमरजेंसी फंड के लिए आपको खोलना चाहिए अलग सेविंग्स अकाउंट

इसके लिए आपको अलग से बचत खाता खोलना चाहिए. अलग इसलिए ताकि आपके बैंक अकाउंट का लेन-देन इससे अलग रहे. साथ ही इससे आप अपनी इमरजेंसी की सेविंग्स से भी दूर रहेंगे. ऐसा करना आपको साइकोलॉजिकली आपके अकाउंट से दूर रखेगा. अच्छा होगा कि यह अकाउंट आप अपने रेगुलर बैंक से अलग बैंक में खुलवाएं. यह भी सलाह दी जाती है कि इस अकाउंट के लिए एटीएम कार्ड न बनवाएं ताकि अगर आप खुद पर कंट्रोल न भी रख सकें तो भी आपके पास झट से पैसे निकालने का ऑप्शन न हो.

एक्स्ट्रा मनी होने पर इमरजेंसी फंड वाले में खाते में डालें

अगर आपको कहीं से एक्स्ट्रा कमाई होती है तो उसे अपने इमरजेंसी फंड में डाल दें. इससे आप अपने अनुमान से ज्यादा बचत कर पाएंगे. यह समझिए कि उस एक्स्ट्रा कैश के बिना भी आपका काम चल रहा था तो फिर अब भी चल जाएगा.

इमरजेंसी फंड के लिए अलग से ढूंढें इनकम के सोर्स

आपको हमेशा यह कोशिश करना चाहिए कि आपके पास पैसे कमाने के लिए दूसरे सोर्स भी हों. जाहिर है कि यहां लीगल तरीकों की बात हो रही है. एक्स्ट्रा इनकम से आपकी फंडिंग ज्यादा तेजी से बढ़ेगी और अपने गोल तक जल्दी से पहुंचेंगे.

इमरजेंसी फंड को हमेंशा उसी तरह से इस्तेमाल करें

हमेशा इस बात का सख्ती से पालन करिए कि इस फंड के साथ किसी तरह की छूट न लें. इसे अचानक आ गए हालातों के लिए ही बचाकर रखें. हो सकता है कि आप किसी खास चीज को खरीदने का प्लान बना रहे हों, लेकिन भविष्य में उतना पैसा पास में होना आपकी कितनी मदद कर सकता है, यह जरूर सोच लें.

छोटे-छोटे खर्चे बचाकर, बजट के हिसाब से चलकर और थोड़ा अनुसाशित तरीका अपनाकर आप जरूर एक मजबूत फंड तैयार कर सकते हैं.