How to withdraw fund from EPF: कोरोना वायरस की वजह से देश भर में लॉकडाउन के कारण तमाम लोग आर्थिक संकट में फंस गए हैं. ऐसे में केंद्र सरकार ने 26 मार्च 2020 को इसकी घोषणा की थी कि कोई भी कर्मचारी इस संकट की स्थिति में अपने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) से एक निश्चित राशि निकाल सकेगा. सरकार ने इसके लिए ईपीएफ से जुड़े नियमों में बदलाव भी कर दिया था. इस बदले गए नियम के मुताबिक ईपीएफ का कोई भी मेंबर अपनी तीन महीने की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते के बराबर या फिर फंड में जमा राशि का 75 फीसदी निकाल सकता है. इसमें में जो राशि कम होगी वही राशि मेंबर को मिलेगी. ऐसे में हम आपको बताते हैं कि आप भी जरूरत पड़ने पर कैसे ईपीएफ से राशि निकाल सकते हैं. Also Read - कोरोना काल में EPF से निकालने जा रहे हैं पैसा तो इन सवालों के जवाब तो जान लीजिए...

कितनी राशि निकाल सकते हैं?

सबसे पहले आपको यह कैलकुलेश करना होगा कि आप अपने फंड से कितनी राशि निकाल सकते हैं. उदाहरण के तौर पर एक व्यक्ति हर माह बेसिक और महंगाई भत्ता मिलाकर 30 हजार रुपये पाता है और उसका ईपीएफ में तीन लाख रुपये जमा है. तो ऐसी स्थित में वह कितना पैसा निकाल सकेगा? हम आपको बता दें कि उक्त व्यक्ति की तीन माह की कुल सैलरी 90 हजार रुपये हुई. दूसरी तरह नियम के अनुसार उसके ईपीएफ में जमा राशि का 75 फीसदी 2,25,000 रुपये हुआ. लेकिन सरकारी नियम यह है कि इन दोनों में से जो राशि कम होगी वही मिलेगी. यानी व्यक्ति को केवल 90 हजार रुपये ही मिलेंगे. Also Read - EPFO/UAN Mobile Number Update: Epfo में कुछ यूं बदले मोबाइल नंबर, फिर पैसे निकालने होंगे आसान

सरकार ने कहा है कि कोरोना काल में ईपीएफ से निकाली गई राशि नॉन रिफंडेबल है. यानी आपकी आर्थिक स्थिति ठीक होने के बाद आपको फिर से अपने खाते में यह पैसा डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी. Also Read - EPFO/UAN Mobile Number Update: निकालना चाहते हैं EPFO से पैसे, लेकिन भूल गए हैं मोबाइल नंबर, ये है आसान तरीका

कैसे करें आवेदन

ईपीएफ खाते से पैसे निकालने के लिए ऑऩलाइन आवेदन करने के लिए आपको तीन शर्तों को पूरा करना होगा.

1. ईपीएफ मेंबर का Universal Account Number (UAN) एक्टिवेट होना चाहिए.
2. UAN के साथ आधार नंबर लिंक और वेरिफायड होना चाहिए.
3. UAN के साथ आपका बैंक अकाउंट नंबर IFSC के साथ जुड़ा होना चाहिए.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees’ Provident Fund Organisation) यानी ईपीएफओ की ओर जारी एक सवाल-जवाब की सूची के मुताबिक कोष निकालने की सेवा का लाभ लेने के लिए कर्मचारी को कोई डॉक्यूमेंट नहीं देना होगा. उसे अपने नियोक्ता से भी कोई दस्तावेज दिलवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वैसे आवेदक को अपने चेक की स्कैन कॉपी, ऑनलाइन आवेदन करते समय देनी होगी.

ऐसे करें आवेदन

स्टेप-1- ई-सेवा पोर्टल unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface पर जाएं.
स्टेप-2- UAN, पासवर्ड और कैप्चा के जरिए अपना अकाउंट खोलें.
स्टेप-3- ऑनलाइन सर्विस पर जाएं और फॉर्म-31, 19 और 10डी का चुनाव करें.
स्टेप-4- इसके बाद आपके स्क्रीन पर एक नया वेबपेज खुलेगा, जिसमें आपका पूरा डिटेल होगा. इसमें आपका बैंक अकाउंट डिटेल भी दिखेगा. इसके बाद आपको अपने अकाउंट नंबर का अंतिम चार डिजिट डालना होगा और उसे वेरिफाइ करना होगा. इसके
बाद स्क्रीन पर एक पॉपआप आएगा जिसमें आपको सर्टिफिकेट ऑफ अंडरटेकिंग देना होगा.
स्टेप-5- बैंक खाता नंबर का अंतिम चार डिजिट डालते ही आपका बैंक अकाउंट वेरिफाइ हो जाएगा. इसके बाद आपको ‘Proceed for online claim’ पर क्लिक करना होगा.
स्टेप-6- आपको डॉप डाउन मेनू से ‘PF advance (Form 31)’ सेलेक्ट करना होगा.
स्टेप-7- इसके बाद आपको निकासी का उद्देश्य बताना होगा. इसके लिए आपको ड्रॉप डाउन मेनू से ‘Outbreak of pandemic (COVID-19)’ को चुनना होगा.
स्टेप-8- यहां आपको अपनी जरूरत की राशि डालनी होगी. इसके बाद चेक की स्कैन कॉपी और एड्रेस डालना होगा.
स्टेप-9- आपको आधार के साथ रिजस्टर्ड मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड आएगा.
स्टेप-10- SMS के जरिए प्राप्त इस ओटीपी को एंटर करने के साथ आवेदन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.