बीजिंग: चीन की चर्चित दूरसंचार नेटवर्क उपकरण विनिर्माता हुआवै ने भारत में 5 जी नेटवर्क के लिए परीक्षण में भाग लेने की मंजूरी मिलने पर सरकार का आभार जताया है. भारत का फैसला इस कंपनी के लिए एक बड़ी राहत है क्योंकि अमेरिका ने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ के आधार पर इसके साथ कारोबार की पाबंदी लगा दी है. अमेरिका अपने मित्र देशों पर भी चीनी कंपनी के साथ संबंध नहीं रखने का कथित तौर पर दबाव डाल रहा है. दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने सोमवार को कहा कि सरकार ने सभी दूरसंचार कंपनियों को अत्यंत तीव्र गति वाले 5 जी नेटवर्क के परीक्षण के लिए स्पेक्ट्रम देने का फैसला किया है. सरकार ने दूरसंचार कंपनियों को इस चीनी कंपनी सहित विश्व की प्रमुख नेटवर्क उपकरण कंपनी के साथ इस परीक्षण के लिए भागीदारी करने की छूट दी है.

अंतरराष्ट्रीय मीडिया मामलों के वरिष्ठ प्रबंधक सिरिल शू ने कहा , “भारत सरकार ने हुआवै को 5 जी परीक्षण में भाग लेने की स्वीकृति दी है. “सिरिल ने बयान में कहा, “हुआवै पर अपना भरोसा बनाए रखने के लिए हम भारत सरकार का धन्यवाद करते हैं. ” उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि केवल नई प्रौद्योगिकी और उच्च गुणवत्ता वाले नेटवर्क से ही भारतीय दूरसंचार उद्योग का कायाकल्प किया जा सकता है. हमारा मोदी सरकार में पूरा विश्वास है कि वह भारत में 5 जी को तेजी से आगे बढ़ाएगी.”

सिरिल ने कहा, “हमें पूरा भरोसा है कि भारत के दीर्घकालिक लाभ को देखते हुए भारत सरकार और भारतीय उद्योग सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकी के साथ साझेदारी करेंगे. हुआवै भारत के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है.” उम्मीद है कि भारत में 5 जी प्रौद्योगिकी का परीक्षण चालू वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में शुरू कर दिया जाएगा. हुआवै ने सितंबर में भरोसा जताया था कि भारत सरकार विदेशी निवेश के बारे में पूरी निष्पक्षता से निर्णय करेगी और 5 जी परीक्षण के मामले में ‘स्वतंत्र तरीके से निर्णय’ लेगी.

भारत का यह निर्णय भारत और चीन के बीच सीमा संबंधी विषयों पर दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के स्तार की 22 वें दौर की बातचीत के बाद आया है. दिल्ली में हुई इस बातचीत में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार अजित डोवाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच दिल्ली में हुई थी. भारत ने नेटवर्क प्रौद्योगिकी के बारे में कहा था कि वह देश के हित में जो सबसे अच्छा होगा वहीं फैसला करेगा. हुआवै भारत में पहले से काम कर रही है. बेंगलूरू में इसका एक अनुसंधान एंव विकास केंद्र है तथा यह भारत की कुछ कंपनियों को 4 जी नेटवर्क प्रौद्योगिकी की आपूर्ति करने वाली प्रमुख कंपनी है.