India-China Border News: एलएसी पर भारत के साथ तनाव के कारण देश के भीतर चीन विरोधी माहौल तेजी से मुखर हो रहा है. सरकार के साथ निजी क्षेत्र की कंपनियों ने भी चीन की कंपनियों के साथ कारोबार को लेकर सजग हो गई हैं. इस बीच चीन और अमेरिका के बीच भी इस वक्त तनाव चरम पर है. ऐसे में अमेरिका भी चीन की कंपनियों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर माहौल बनाने में लगा है.Also Read - Jio के इस प्लान में पाएं 100GB डाटा, फ्री कॉलिंग समेत Netflix और Disney+ Hotstar VIP का फ्री सब्सक्रिप्शन

इस कड़ी में अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने चीन की कंपनियों के साथ कारोबार से इनकार करने वाली दूरसंचार फर्मों की सराहना की है. उन्होंने कहा कि फ्रांस की ऑरेंज, भारत की जियो और ऑस्ट्रेलिया की टेल्सट्रा ‘साफ-सुथरी’ कंपनियां हैं. इन्होंने चीन की कंपनियों के साथ कारोबार करने से इनकार किया है. पोम्पियो ने दावा किया कि चीन की प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी हुवावेई (Huawei) के दुनिया की दूरसंचार कंपनियों के साथ करार धीरे-धीरे कम हो रहे हैं. Also Read - Jio यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! 1000 शहरों में 5G सर्विस को लॉन्च करने की तैयारी, जानिए डिटेल

पोम्पियो ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘दुनिया की प्रमुख दूरसंचार कंपनियां मसलन स्पेन की टेलीफोनिका के अलावा ऑरेंज, ओ2, जियो, बेल कनाडा, टेलस और रॉजर्स तथा कई और अब साफ-सुथरी हो रही हैं. ये कंपनियां चीन की कम्युनिस्ट संरचना से अपने संपर्क तोड़ रही हैं. उन्होंने कहा कि ये कंपनियां निगरानी करने वाले देशों की कंपनियों मसलन Huawei के साथ अब कारोबार करने से इनकार कर रही हैं. पोम्पियो ने कहा कि अब माहौल चीन की प्रौद्योगिकी कंपनी के खिलाफ होता जा रहा है. Also Read - Reliance Jio कर रहा है 6G की तैयारी, 5G की तुलना में 100 गुना अधिक होगी स्पीड, जानिए डिटेल

उन्होंने कहा कि दुनियाभर के दूरसंचार ऑपरेटरों के साथ हुवावेई के करार समाप्त हो रहे हैं, क्योंकि ये देश अपने 5जी नेटवर्क के लिए भरोसेमंद वेंडर की सेवाएं ही लेना चाहते हैं. उन्होंने इसके लिए चेक गणराज्य, पोलैंड, स्वीडन, एस्टोनिया, रोमानिया, डेनमार्क का उदाहरण दिया. पोम्पियो ने कहा कि हाल में यूनान ने भी अपने 5जी ढांचे के विकास का काम हुवावई के बजाय एरिक्सन को देने की सहमति दी है.