मुंबई/ दिल्ली: आईसीआईसीआई बैंक का निदेशक मंडल एक बार फिर अपने सीईओ चंदा कोचर के बचाव में उतर आया है. आईसीआईसीआई प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि आईसीआईसीआई बैंक ने इन रिपोर्टों से इनकार करती है कि उन्होंने सीईओ चंदा कोचर से छुट्टी पर जाने के लिए कहा है. वहीं, बीजेपी सांसद उदित राज ने सवाल किया है कि आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर से एजेंसियां पूछताछ क्यों नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि वह अपील करते हैं कि उनकी जांच की जाए और पैसों की रिकवरी की जाए. उन्होंने कहा कि ये व्हाइट कॉलर क्रिमनल्स है, इनके खिलाफ कार्रवाई की जाना चाहिए. बता दें कि वीडियोकॉन समूह को दिए गए बैंक लोन के मामले में विवादों में आई कोचर के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए निदेशक मंडल ने बीते 30 मई को आदेश दिए थे.

आईसीआईसीआई प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि आईसीआईसीआई बैंक ने इन रिपोर्टों से इनकार करती है कि निदेशक मंडल ने सीईओ चंदा कोचर से छुट्टी पर जाने के लिए कहा था. वह अपनी सालाना छुट्टी पर है, जिसकी योजना पहले से ही बनाई गई थी. बोर्ड ने इससे भी इनकार कर दिया है कि उसने अपने उत्तराधिकारी को खोजने के लिए कोई भी खोज समिति नियुक्त की है.

निदेेेेशक मंडल  ने कोचर के खिलाफ जांच के आदेश दिए
बता दें कि बीते 30 मई को आईसीआईसीआई बैंक के निदेशक मंडल ने बैंक की प्रबंध निदेशक और सीईओ चंदा कोचर के खिलाफ लगे आरोपों की स्वतंत्र जांच के आदेश दिए थे. कोचर पर कुछ कर्जदारों के साथ हितों के टकराव और एक- दूसरे को फायदा पहुंचाने के आरोप हैं.

आरोप व जांच के आदेश
– कोचर और उनके परिवार पर वीडियोकॉन समूह को दिए गए कर्ज के मामले में एक – दूसरे को फायदा पहुंचाने का आरोप है
– आरोप है कि कर्ज के बदले वीडियोकॉन समूह ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की कंपनी न्यूपावर रीन्यूएबल में निवेश किया था
– बैंक ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा था कि अज्ञात की ओर से कोचर के खिलाफ की गई शिकायत पर निदेशक मंडल ने स्वतंत्र जांच का आदेश दिया है
– जांच किसी स्वतंत्र और विश्वनीय व्यक्ति के नेतृत्व में होगी
-जांच का दायरा विस्तृत होगा और जांच के दौरान सामने आए सभी तथ्यों और संबंधित मामलों को भी इसमें शामिल किया जाएगा
– जांच में फॉरेंसिक और ई-मेल की समीक्षा और संबंधित व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं
– कंपनी की यह नियामकीय सूचना शेयर बाजार बंद होने के बाद आई थी
– सूचना में कहा गया है कि जांच के दौरान सामने आए सभी “संबंधित मामलों” को इसमें शामिल किया जाएगा ताकि मामले का अंतिम तौर पर निपटारा हो सके
– बैंक की व्हिसल ब्लोअर नीति को ध्यान में रखते हुए निदेशक मंडल ने जांच का आदेश दिया
– बैंक ने ऑडिट समिति को मामले की जांच करने के लिए स्वतंत्र एवं विश्वसनीय व्यक्ति का नियुक्ति करने का अधिकार दिया
– ऑडिट समिति संदर्भ की शर्तें और समय अवधि भी तय करेगी.  (इनपुुुट- एजेंंसी)