मुंबई: रिजर्व बैंक ने प्रतिभूतियों की प्रत्यक्ष बिक्री के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर आईसीआईसीआई बैंक के ऊपर 58.9 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. केंद्रीय बैंक ने गुरुवार को जारी अधिसूचना में कहा, ‘‘रिजर्व बैंक ने प्रतिभूतियों की प्रत्यक्ष बिक्री के संबंध में जारी दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने के कारण आईसीआईसीआई बैंक पर 26 मार्च के एक आदेश के तहत 58.9 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है.’’ Also Read - Loan Moratorium Update: लोन मोरेटोरियम मामले में सरकार ने SC में दाखिल किया नया हलफनामा, जानें क्या है ताजा अपडेट

Also Read - रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, इन महीने से बढ़ेंगी आर्थिक गतिविधियां- आरबीआई गवर्नर

रिजर्व बैंक ने कहा कि यह कदम नियामकीय प्रावधान का पालन नहीं करने पर उठाया गया है. आईसीआईसीआई बैंक ने कहा कि इस मामले में रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों की व्यावहारिकता के समय के बारे में गलतफहमी के कारण नियमों का उल्लंघन हुआ है. उसने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक ने हेल्ड-टू-मैच्योरिटी (एचटीएम) श्रेणी में वर्गीकृत सरकारी प्रतिभूतियों की सतत बिक्री के कारण यह जुर्माना लगाया है.’’ Also Read - बड़ी खुशखबरी: इस बैंक ने बढ़ा दी अपने 76000 कर्मचारियों की सैलेरी, 12% का किया इजाफा

वीडियोकॉन ने ICICI बैंक से लिया 3250 करोड़ का लोन, बदले में बैंक की सीईओ चंदा कोचर के पति से की ‘स्वीट डील’

बैंक ने कहा कि उसने 31 मार्च 2017 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान कुछ सप्ताह तक एचटीएम प्रतिभूतियों की बिक्री की थी. उल्लेखनीय है कि एचटीएम श्रेणी के प्रतिभूतियों को परिपक्व होने तक रखने की जरूरत होती है. यदि इस श्रेणी के प्रतिभूतियों की बिक्री एचटीएम के लिए आवश्यक निवेश के पांच प्रतिशत से अधिक हो जाए तो बैंक को सालाना वित्तीय परिणाम में इसका खुलासा करना होता है. बैंक को यह भी बताने की जरूरत होती है कि एचटीएम निवेश का बाजार मूल्य क्या था और बही-खाते पर दर्ज मूल्य एवं बाजार मूल्य में क्या अंतर था.

आईसीआईसीआई बैंक ने इसका खुलासा तक नहीं करके 2016-17 के वार्षिक परिणाम में किया था. बैंक ने कहा कि वह रिजर्व बैंक के निर्देश के अनुसार 30 जून 2017 को समाप्त तिमाही के बाद वार्षिक परिणामों में लगातार विशिष्ट खुलासा करता रहा है.