नई दिल्लीः मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम और छत्तीसगढ़ में किसानों की कर्ज माफी का अर्थव्यवस्था पर अच्छा असर पड़ सकता है. ऐसा कहना है कि रेटिंग एजेंसी इक्रा का. एजेंसी का मानना है कि उपभोक्ता के हाथ में पैसा आने से वे उसे जरूर खर्च करेंगे और इससे अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ेगा. एजेंसी ने कहा है कि प्रति व्यक्ति आय, कृषि क्षेत्र में सुधार, न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि और चुनिंदा राज्यों में किसानों की कर्ज माफी से दोपहिया उद्योग की बिक्री में 2018-19 में 8 से 10 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है.

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि वह भारतीय दो-पहिया वाहन उद्योग परिदृश्य को स्थिर रखा है. अप्रैल-अक्टूबर के दौरान क्षेत्र की बिक्री सालाना आधार पर 11.1 प्रतिशत बढ़ी. हालांकि, इस दौरान बीमा के प्रीमियम में वृद्धि, केरल में आयी बाढ़, पश्चिम बंगाल में केवल वैध लाइसेंसधारकों को ही दोपहिया वाहनों की बिक्री जैसे कारकों का प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ा.

इक्रा ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ग्रामीण आय में वृ्द्धि से मोटरसाइकिल की मांग को समर्थन मिला. वहीं, शहरीकरण के चलते स्कूटर की मांग में तेजी आने की उम्मीद है. एजेंसी ने कहा कि वाहनों के निर्माण में उपयोग होने की सामग्री की कीमतों में वृद्धि, बीमा के प्रीमियमों में वृद्धि, ब्याज दरों में बढ़ोतरी और असमान मानसून जैसे कारकों की वजह से वाहनों की खरीद की लागत बढ़ सकती है, जो कि मांग को प्रभावित कर सकती है.