Ideal House Rent Act: आवास और शहरी मामलों के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने बुधवार को यह जानकारी दी कि केंद्र सरकार जल्द आदर्श किराया कानून लाने की तैयारी कर रही है. सरकार का मानना है कि इससे रियल एस्टेट क्षेत्र विशेष रूप से किराये के घरों को प्रोत्साहन मिलेगा. Also Read - मुंबई में ACP की पोस्‍ट पर रहते हुए महिला ASI से रेप करने के आरोप में Deputy SP पर केस दर्ज

बता दें, मंत्रालय ने जुलाई, 2019 में आदर्श किराया कानून का मसौदा जारी किया था. Also Read - Maharashtra: रायगढ़ में प्‍लांट से जहरीली गैस के रिसाव से 7 लोग बीमार, अस्‍पताल में चल रहा इलाज

रियल एस्टेट कंपनियों के संगठन नारेडको की ओर से आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए मिश्रा ने कहा कि प्रवासियों के लिए एफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्‍प्‍लेक्‍स (एआरएचसी) स्‍कीम की प्रगति काफी अच्छी है. इस प्रोग्राम के जरिये शहरों में झोपड़पट्टियों को रोका जा सकता है. सरकार ने कुछ महीने पहले यह योजना शुरू की थी. Also Read - कर्नाटक के शिवमोगा में ब्‍लास्‍ट से 8 लोगों की हुई मौत, बढ़ सकती है मृतकों की संख्‍या, PM Modi ने दुख जताया

मिश्रा ने बताया कि अर्थव्यवस्था को ‘अनलॉक’ किए जाने के बाद केंद्र और राज्य सरकारों ने कई उपाय किए हैं. इनके चलते अब घरों की बिक्री बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों ने प्रॉपर्टी के रजिस्‍ट्रेशन पर स्‍टैंप ड्यूटी घटाई है. इससे घरों की बिक्री बढ़ी है.

सचिव ने कहा कि केंद्र ने सभी राज्यों/संघ शासित प्रदेशों को स्‍टैंप ड्यूटी घटाने की सलाह दी है जिससे हाउसिंग सेक्‍टर को प्रोत्साहन दिया जा सके. उन्होंने कहा कि आदर्श किराया कानून तैयार है. इसका विभिन्न भाषाओं में अनुवाद किया जा रहा है. इसके व्यापक प्रभाव होंगे.

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित आदर्श किराया कानून पर टिप्पणियां लेने की समय सीमा 31 अक्टूबर को समाप्त हो गई है. अब राज्यों से इस पर अपनी राय देने को कहा गया है. सचिव ने कहा कि आदर्श किराया कानून जल्द आ आएगा.

उन्‍होंने बताया कि 2011 की जनगणना के अनुसार 1.1 करोड़ घर खाली हैं क्योंकि लोग अपना घर किराये पर देने में हिचकिचाते हैं. मिश्रा ने कहा कि आदर्श किराया कानून से सभी विसंगतियां दूरी होंगी और रियल एस्टेट क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा.

कॉन्‍फ्रेंस में मिश्रा ने डेवलपर्स से कहा कि देश की जीडीपी में रियल एस्‍टेट की हिस्‍सेदारी करीब 7 फीसदी है. भविष्‍य में इसके 14-15 फीसदी बढ़ने के आसार हैं. 5.5 करोड़ से ज्‍यादा लोग रियल एस्‍टेट से जुड़े काम में संलग्‍न हैं.

(With PTI input)