तत्काल कर्ज दिलाने ऐप्स द्वारा सूचना चोरी करने के मामले में जांच करने वाले अपराध अन्वेषण विभाग (CID) के अधिकारियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के घोटाले का चीन से सीधा संबंध होने के परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक सबूत मिले हैं. Also Read - राहुल गांधी ने कहा- चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र कब्जा रहे हैं, '56 ईंच सीना' वाले व्यक्ति ने नाम भी नहीं लिया

इन अधिकारियों के अनुसार ऐसे सभी ऐप्स के सर्वर चीन में हैं. इतना ही नहीं इन ऐप्स के माध्यम से उपयोग किये गये डैशबोर्ड भी चीन में हैं. इसमें विशेष बात ये है कि CID ने पहले ही जिन 4 कंपनियों पर छापा मारा था उसमें से 3 के संचालक चीन के निवासी हैं. महाराष्ट्र टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक, इस घोटाले का चीन से संबंध स्पष्ट करते समय CID के साइबर अपराध विभाग के पुलिस अधीक्षक एम डी शरथ ने कहा कि जिन कंपनियों पर यहां छापा मारा गया है, वो सारी कंपनियां चीन से ऑपरेट की जाती हैं. Also Read - लद्दाख गतिरोध: चीन ने फिर दिखाया रंग, बातचीत के बीच LAC पर चुपचाप बढ़ा दिया सैन्य जमावड़ा

इस मामले का चीन से संबंध होने की जानकारी देते समय सीआईडी के अधिकारियों ने बताया कि बोरायन्क्सी टेक्नोलॉजिज प्रा लि का निदेशक चीनी कंपनी होंगहु इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलॉजिस प्रा. लि का भी मालिक और निदेशक है. इसके अतिरिक्त मैड एलिफेंट ये कंपनी रेमिंगटेक प्रा लि इस कंपनी के स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है. इन कंपनियों के मालिकों में से एक चीनी नागरिक है, जिसका नाम यानपेंग कू है. Also Read - Gold Mine News: चीन में सोने की खदान में दो हफ्ते से फंसे 11 खनिकों को बाहर निकाला गया

1 चीनी नागरिक समेत 3 गिरफ्तार

हैदराबाद में ऐप्स के द्वारा तत्काल कर्ज उपलब्ध कराके देने वाले विरुद्ध कार्रवाई करते तेलंगाना पुलिस ने एक पुणे स्थित कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है और 3 लोगों को गिरफ्तार किया है. इसमें एक चीनी महिला भी शामिल है. सभी लोगों को कर्ज लेने के लिए परेशान करते हैं जिसकी वजह से एक व्यक्ति ने पुलिस के पास इसकी शिकायत की थी, उसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की.