नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली की अनुपस्थिति के कारण केंद्र सरकार ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. सरकार ने बुधवार की शाम अरुण जेटली को बिना पोर्टफोलियो के मंत्री (Minister without portfolio) का दर्जा देते हुए, पीयूष गोयल को अतिरिक्त प्रभार देने की घोषणा की. भाजपा की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को आगामी एक फरवरी को अपने मौजूदा कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करना है. लिहाजा अंतरिम बजट पेश करने से नौ दिन पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल को बुधवार को वित्त और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है. जेटली को उनके इलाज तक बिना पोर्टफोलियो वाला मंत्री बनाया गया है. Also Read - IRCTC Indian Railways: इन 40 मार्गों पर रेलवे का प्रदर्शन रहा शानदार, इसलिए चलाई जाएंगी और ट्रेनें

नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही अरुण जेटली के पास वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी रही है. 14 मई, 2018 से 23 अगस्त, 2018 तक वह बिना पोर्टफोलियो के मंत्री रह चुके हैं. इसके अलावा कुछ दिनों तक उनके पास रक्षा मंत्रालय का प्रभार भी रहा है. इसी महीने जेटली को आगामी आम चुनाव के लिए भाजपा का प्रचार प्रमुख बनाया गया था. लेकिन इलाज के लिए अचानक अमेरिका जाने की वजह से अब उन्हें बिना पोर्टफोलियो के मंत्री का दर्जा दिया गया है. केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का मंगलवार को न्यूयॉर्क के एक अस्पताल में आपरेशन हुआ. सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि चिकित्सकों ने जेटली को दो सप्ताह आराम करने की सलाह दी है. Also Read - IRCTC Indian Railways: कुछ खास रूट्स पर बढ़ाई जाएंगी ट्रेनों की संख्या, रेल मंत्री बोले- बनाएंगे रिकॉर्ड

अरुण जेटली (66 वर्ष) 13 जनवरी को अमेरिका गए थे. सूत्रों ने कहा कि इस सप्ताह ही उनकी ‘सॉफ्ट टिश्यू’ कैंसर के लिए जांच की गई थी. इस दौरान भी जेटली सोशल मीडिया पर सक्रिय रहे. फेसबुक पर पोस्ट लिखने के अलावा उन्होंने मौजूदा मुद्दों पर ट्वीट भी किए. इससे पहले पिछले साल 14 मई को जेटली का एम्स में गुर्दा प्रत्यारोपण हुआ था. उसके बाद से वह विदेश नहीं गए थे. जेटली पिछले साल गुर्दा प्रत्यारोपण के बाद 23 अगस्त को काम पर लौट आए थे और उन्होंने वित्त और कॉरपोरेट मंत्रालयों की जिम्मेदारी फिर संभाल ली थी.

(इनपुट – एजेंसी)