Income Tax Slab में बदलाव नहीं, स्टैंडर्ड डिडक्शन की विश भी रही अधूरी, फिर भी बचा सकते हैं पैसा, वित्त मंत्री ने खुद बताया तरीका

Union Budget 2026: बजट में सैलरीड क्लास के लिए बड़ा ऐलान न्यू इनकम टैक्स एक्ट को लेकर रहा. 6 दशक पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 को रिप्लेस करने के लिए न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2025 को 1 अप्रैल से ही लागू किया जाएगा.

Published date india.com Updated: February 1, 2026 2:49 PM IST
Income Tax Slab में बदलाव नहीं, स्टैंडर्ड डिडक्शन की विश भी रही अधूरी, फिर भी बचा सकते हैं पैसा, वित्त मंत्री ने खुद बताया तरीका
वित्त मंत्री ने पिछली बार के बजट में न्यू टैक्स रिजीम चुनने पर 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री होने का तोहफा दिया था.

Income Tax Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी (रविवार) को संसद में अपना 9वां केंद्रीय बजट पेश कर दिया है. इसबार के बजट में टैक्सपेयर्स और मिडिल क्लास को झटका लगा है. बजट में टैक्सपेयर्स और सैलरीड क्लास ने इनकम स्लैब को बढ़ाने और न्यू टैक्स रिजीम में मिलने वाले स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट को बदलने की मांग की थी. लेकिन,वित्त मंत्री ने साफ कह दिया कि इस बार इनकम स्लैब में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जा रहा है. स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट 75 हजार ही रखी गई है. इसे टैक्सपेयर्स 1 लाख रुपये करने की मांग कर रहे थे.

बजट में सैलरीड क्लास के लिए बड़ा ऐलान न्यू इनकम टैक्स एक्ट को लेकर रहा. 6 दशक पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 को रिप्लेस करने के लिए न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2025 को 1 अप्रैल से ही लागू किया जाएगा. बेशक बजट 2026 में सैलरीड क्लास को विश पूरी नहीं हुई, लेकिन वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में ही सैलरीड क्लास को टैक्स बचाने का तरीका बता दिया है.

Budget 2026 में सैलरीड क्लास की कौन सी विश रह गई अधूरी?

  • वित्त मंत्री ने पिछली बार के बजट में न्यू टैक्स रिजीम चुनने पर 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री होने का तोहफा दिया था. 75 हजार के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ कुल 12.75 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री हो जाती है. बार के बजट में टैक्सपेयर्स स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट 75 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की मांग कर रहे थे.
    अगर बजट में इसका ऐलान होता,तो सैलरीड क्लास की 13 लाख तक की इनकम टैक्स-फ्री हो जाएगी. लेकिन, वित्त मंत्री से कोई राहत नहीं मिली.
  • मौजूदा टैक्स के नियमों के मुताबिक, अगर पति और पत्नी दोनों वर्किंग हैं. उनकी इनकम टैक्स स्लैब के दायरे में आती है, तो दोनों को ही इनकम टैक्स भरना पड़ता है. इससे कई परिवारों में टैक्स लायबिलिटी बढ़ जाती है. बजट में जॉइंट टैक्सेशन सिस्टम की मांग थी, लेकिन ये मांग अधूरी रह गई.
  • न्यू टैक्स रिजीम में किसी तरह का डिडक्शन क्लेम नहीं किया जा सकता है. लेकिन, सैलरीड क्लास की फाइनेंशियल लाइफ HRA, होम लोन और रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए इंवेस्टमेंट पर फोकस रहता है. ऐसे में सैलरीड क्लास ने न्यू टैक्स रिजीम में होम लोन और इंवेस्टमेंट को लेकर डिडक्शन का प्रावधान करने की मांग की थी. उनकी ये विश भी पूरी नहीं हुई है.
  • इस बार के बजट में EPF, PPF और इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम यानी ELSS जैसे निवेश के लिए डिडक्शन क्लेम की सुविधा देने की उम्मीद थी. इस पर भी मायूसी मिली है.
  • रिटायरमेंट फंड के लिए सैलरीड क्लास का एक बड़ा हिस्सा नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS में निवेश करता है. अभी NPS में मैच्योरिटी पर मिलने वाली कुल रकम का 60% हिस्सा पूरी तरह से टैक्स-फ्री है. बाकी 40% पर टैक्स लगता है. NPS में निवेश करने वालों ने 40% को भी टैक्स फ्री करने की मांग की थी. लेकिन, ये पूरी नहीं हुई.

अभी ओल्ड और न्यू रिजीम में कितनी इनकम पर कितना टैक्स?

  • ओल्ड रिजीम में 3 लाख तक की इनकम पर 0% टैक्स लगता था.न्यू रिजीम में 0 से 4 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री है.
  • ओल्ड रिजीम में 3 से 7 लाख तक की इनकम पर 5% टैक्स का प्रावधान था. न्यू रिजीम में 4 से 8 लाख रुपये तक की इनकम पर 5% टैक्स लगेगा.
  • ओल्ड रिजीम में 7 से 10 लाख रुपये तक की इनकम पर 10% टैक्स देना होता था. अब नए रिजीम में 8 से 12 लाख रुपये तक की इनकम पर 10% टैक्स का प्रावधान है. लेकिन, अगर आपने न्यू टैक्स रिजीम चुना है, तो 4-8 लाख रुपये पर 5% और 8 से 12 लाख रुपये पर लगने वाले 10% टैक्स को सरकार सीधे माफ कर देगी.
  • ओल्ड रिजीम में 10 से 12 लाख तक के इनकम पर 15% टैक्स लगता था.न्यू रिजीम में 12 से 16 लाख तक के इनकम पर 15% टैक्स लगता है.
  • ओल्ड रिजीम में 12 से 15 लाख तक के इनकम पर 20% का टैक्स लगता था.न्यू रिजीम में 16 से 20 लाख तक के इनकम पर 20% टैक्स देना होगा.
  • ओल्ड रिजीम में 15 लाख रुपये से ज्यादा के इनकम पर 30% टैक्स लगता था. न्यू रिजीम में 20 से 24 लाख तक के इनकम पर 25% टैक्स लगेगा.
  • न्यू रिजीम में अब 24 लाख रुपये से ज्यादा के इनकम पर 30% का टैक्स लगेगा.

पैसा बचाने के लिए वित्त मंत्री ने क्या बताया तरीका?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इनकम की गलत रिपोर्टिंग पर टैक्स की रकम के 100% के बराबर पेनल्टी लगेगी. ये इनकम-टैक्स फ्रेमवर्क के तहत नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त रुख का संकेत है. यानी अगर आप किसी भी सोर्सेज से हुए इनकम को ITR में छिपाते हैं, तो आपको टैक्स तो देना ही पड़ेगा. साथ में टैक्स के बराबर जुर्माना भी लगेगा. इसलिए अपने पैसे बचाने हैं, तो अपनी इनकम की गलत रिपोर्टिंग न करें. ITR में अपने सभी इनकम सोर्सेज की जानकारी दें.

1 अप्रैल से लागू होगा न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2025

वित्त मंत्री ने कहा कि न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2025 इसी साल 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा. इसमें सबसे बड़ा बदलाव ‘असेसमेंट ईयर’ और ‘प्रीवियस ईयर’ की जगह ‘टैक्स ईयर’ का इस्तेमाल होगा. इससे आम टैक्सपेयर को ITR फाइल करने में कम कन्फ्यूजन होगा, क्योंकि इनकम कमाने वाला साल और टैक्स रिपोर्ट करने वाला साल एक ही होगा.यह बदलाव टैक्स सिस्टम को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.

टैक्स फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ी

बजट में गैर-ऑडिट ट्रस्ट्स के लिए टैक्स फाइलिंग की डेडलाइन 31 अगस्त तक बढ़ाई गई है. ITR-1 और ITR-2 फॉर्म्स की फाइलिंग की डेडलाइन भी 31 जुलाई तय की गई है. रिवाइज ITR भरने की डेडलाइन को भी 31 मार्च तक बढ़ाया गया है. हालांकि, इसके लिए मामूली चार्ज देना पड़ेगा.

MAT में भी हुआ बदलाव

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) सिस्टम में बदलाव की घोषणा की. MAT की दर 15% से घटाकर 14% की गई है. उन्होंने यह भी कहा कि MAT को फाइनल टैक्स माना जाएगा. 1 अप्रैल 2026 से आगे कोई MAT क्रेडिट नहीं मिलेगा, जो मौजूदा क्रेडिट-ऑफसेट सिस्टम से एक बड़ा बदलाव है.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

टैक्स डिस्प्यूट कम करने के लिए नई सुविधा

बजट 2026 में टैक्स डिस्प्यूट कम करने के लिए असेसमेंट ईयर और पेनल्टी एक्शन को जोड़ा जाएगा. अब ऐसे मामलों में अलग-अलग आदेशों के बजाय एक ही कॉमन ऑर्डर जारी होगा. इससे कानूनी प्रक्रिया आसान हो जाएगी. इन मामलों में अपील के लिए जमा की जाने वाली रकम को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है. इससे टैक्सपेयर्स पर बोझ कम पड़ेगा. वो अपना ज्यादा पैसा फंसाए बगैर अपनी बात अथॉरिटी के सामने रख सकेंगे.

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Business Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.