
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
Income Tax Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी (रविवार) को संसद में अपना 9वां केंद्रीय बजट पेश कर दिया है. इसबार के बजट में टैक्सपेयर्स और मिडिल क्लास को झटका लगा है. बजट में टैक्सपेयर्स और सैलरीड क्लास ने इनकम स्लैब को बढ़ाने और न्यू टैक्स रिजीम में मिलने वाले स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट को बदलने की मांग की थी. लेकिन,वित्त मंत्री ने साफ कह दिया कि इस बार इनकम स्लैब में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जा रहा है. स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट 75 हजार ही रखी गई है. इसे टैक्सपेयर्स 1 लाख रुपये करने की मांग कर रहे थे.
बजट में सैलरीड क्लास के लिए बड़ा ऐलान न्यू इनकम टैक्स एक्ट को लेकर रहा. 6 दशक पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 को रिप्लेस करने के लिए न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2025 को 1 अप्रैल से ही लागू किया जाएगा. बेशक बजट 2026 में सैलरीड क्लास को विश पूरी नहीं हुई, लेकिन वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में ही सैलरीड क्लास को टैक्स बचाने का तरीका बता दिया है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इनकम की गलत रिपोर्टिंग पर टैक्स की रकम के 100% के बराबर पेनल्टी लगेगी. ये इनकम-टैक्स फ्रेमवर्क के तहत नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त रुख का संकेत है. यानी अगर आप किसी भी सोर्सेज से हुए इनकम को ITR में छिपाते हैं, तो आपको टैक्स तो देना ही पड़ेगा. साथ में टैक्स के बराबर जुर्माना भी लगेगा. इसलिए अपने पैसे बचाने हैं, तो अपनी इनकम की गलत रिपोर्टिंग न करें. ITR में अपने सभी इनकम सोर्सेज की जानकारी दें.
वित्त मंत्री ने कहा कि न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2025 इसी साल 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा. इसमें सबसे बड़ा बदलाव ‘असेसमेंट ईयर’ और ‘प्रीवियस ईयर’ की जगह ‘टैक्स ईयर’ का इस्तेमाल होगा. इससे आम टैक्सपेयर को ITR फाइल करने में कम कन्फ्यूजन होगा, क्योंकि इनकम कमाने वाला साल और टैक्स रिपोर्ट करने वाला साल एक ही होगा.यह बदलाव टैक्स सिस्टम को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.
बजट में गैर-ऑडिट ट्रस्ट्स के लिए टैक्स फाइलिंग की डेडलाइन 31 अगस्त तक बढ़ाई गई है. ITR-1 और ITR-2 फॉर्म्स की फाइलिंग की डेडलाइन भी 31 जुलाई तय की गई है. रिवाइज ITR भरने की डेडलाइन को भी 31 मार्च तक बढ़ाया गया है. हालांकि, इसके लिए मामूली चार्ज देना पड़ेगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) सिस्टम में बदलाव की घोषणा की. MAT की दर 15% से घटाकर 14% की गई है. उन्होंने यह भी कहा कि MAT को फाइनल टैक्स माना जाएगा. 1 अप्रैल 2026 से आगे कोई MAT क्रेडिट नहीं मिलेगा, जो मौजूदा क्रेडिट-ऑफसेट सिस्टम से एक बड़ा बदलाव है.
बजट 2026 में टैक्स डिस्प्यूट कम करने के लिए असेसमेंट ईयर और पेनल्टी एक्शन को जोड़ा जाएगा. अब ऐसे मामलों में अलग-अलग आदेशों के बजाय एक ही कॉमन ऑर्डर जारी होगा. इससे कानूनी प्रक्रिया आसान हो जाएगी. इन मामलों में अपील के लिए जमा की जाने वाली रकम को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है. इससे टैक्सपेयर्स पर बोझ कम पड़ेगा. वो अपना ज्यादा पैसा फंसाए बगैर अपनी बात अथॉरिटी के सामने रख सकेंगे.
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