Income Tax Return: टैक्स फाइलिंग (Income Tax Filing) का सीजन (Season) पहले ही शुरू हो चुका है. नियोक्ता (Employer) द्वारा अपने कर्मचारियों (Employee) के वेतन से काटा गया टीडीएस (TDS) टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) को ट्रांसफर (Transfer) कर दिया गया है. नियोक्ता द्वारा अपने चर्मचारियों को जो वेतन दिया जाता है उसको वह वित्त वर्ष के अंत में फॉर्म 16 (Form 16) में शो करके अपने कर्मचारी को देता है. जो भी सैलरी कर्मचारी को दी गई, उसमें जो टैक्स काट करके (Tax deducted at source) टैक्स विभाग (Income tax department) में जमा किया गया और जो भी डिडक्शन (Deduction) आपने क्लेम (Claim) किया उसका पूरा विवरण फॉर्म 16 (Form 16) में दर्ज करके मिलता है. इसके अलावा अगर चालू वित्त वर्ष में आपको किसी बैंक खाते से 10,000 रुपये से अधिक का ब्याज (Interest from the bank account) मिला है तो बैंक (Bank) उस पर टीडीएस (TDS) काटकरके भुगतान करती हैं. अगर आपने फॉर्म 15 एच (Form 15 H) या फॉर्म 15 जी (Form 15 G) जमा नहीं किया है तो टीडीएस (TDS) जरूर कटेगा. इसलिए अलग-अलग चैनल से टीडीएस (tds) कट जाता है. यह फॉर्म 26एएस (Form 26AS) ही होता है जिसमें आपको सभी तरह के स्रोत से प्राप्त आय पर काटे गए टीडीएस (TDS) को दर्शाता है. Also Read - ITR Filing Compliance Check Facility: हो जायें सावधान! नहीं तो होगा बड़ा नुकसान, ITD ने कड़ा किया प्रावधान; बैंक/पोस्ट ऑफिस भी चेक करेंगे ITR Status

जानिए- फॉर्म 26 एएस (Form 26 AS) क्यों इतना महत्वपूर्ण है और क्यों इसे चेक करना चाहिए? Also Read - Tamil Nadu में आईटी की रेड, DMK चीफ एमके स्टालिन के दामाद के कई ठिकानों पर सर्च जारी

फॉर्म 16 (Form 16) संचयी वार्षिक क्रेडिट डॉक्युमेंट (Cumulative Credit Document) होता है जो पैन नंबर (PAN Number) के आधार पर जारी किया जाता है. इसलिए यहां पर फॉर्म 16 (Form 16) और फॉर्म 26 एएस (Form 26 AS) के बीच के अंतर को समझना जरूरी है. अगर आपका टैक्स कहीं पर कटा है और वह फॉर्म 26एएस (Form 26 AS) में नहीं दर्शाया गया है तो इसका सीधा सा मतलब होता है कि या तो टैक्स को जमा नहीं किया गया है या गलत तरीके से टैक्स काटकरके उसे अपने पास रख लिया गया है. ऐसी परिस्थिति में, आपको अपने नियोक्ता से तुरंत संपर्क करना चाहिए. यह भी हो सकता है कि कटा हुआ टीडीएस गलत पैन संख्या में जमा कर दिया गया हो. यह आपकी जिम्मेदारी होती है कि आप पैन को अपडेटेड रखें. Also Read - Income Tax New Rules: आज से बदल रहे हैं इनकम टैक्स के नियम, जानिए- किस तरह से होगा आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर असर?

अगर ऐसा संभव होता है और ओरिजिनल डिपॉजिट किए गए टीडीएस, और फॉर्म 26 एएस (Form 26 AS) के बीच तो आयकर विभाग (Income Tax Department) आपसे पूछताछ कर सकता है. इसके साथ, एक स्थिति और पनप सकती है कि आपको बैंक खाते से ब्याज मिला हो और आपने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल (Income tax return filing) करते समय उसको डिस्क्लोज नहीं किया है, और बैंक ने उसे रोक लिया है तो उसके लिए आपको इनकम टैक्स विभाग से नोटिस मिल सकती है. इसलिए आपको यह बार-बार सलाह दी जा रही है कि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के पूर्व अपना 26 एएस फॉर्म जरूर चेक करें.

जानें- कैसे मिलता है फॉर्म 26 एएस (Form 26AS)?

अगर आपने पहले से ही इनकम टैक्स इंडिया की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन (Registration on the Website) किया है तो उसमें लॉगिन करके वहां से फॉर्म 26 एएस (Form 26AS) डाउनलोड कर सकते हैं. अगर आपने नहीं रजिस्टर किया है तो अपने पैन नंबर के जरिए वहां पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. सबसे पहले आपको वेबसाइट पर लॉगिन बनाना होगा, उसके बाद माई एकाउंट में जाकर फॉर्म 26 एएस (Form 26AS) को डाउनलोड करना होगा. इसके जरिए आपको पूरा पता हो जाएगा कि आपका कहां-कहां टीडीएस और कितना कटा है. वहां पर आपको यह देखना होगा कि किस वित्त वर्ष का 26एएस फॉर्म (Form 26AS) डाउनलोड करना चाहते हैं, उसका वहां जाकर रिव्यू कर सकते हैं. 26एएस फॉर्म (Form 26AS) डाउनलोड करने के लिए DDMMYYYY फॉर्मैट में आपका पॉसवर्ड होता है. जिसे डालकर आप उसे प्राप्त कर सकते हैं.