
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) भरने का प्रोसेस निकल चुका है. वैसे तो ITR भरने की लास्ट डेट 15 सितंबर 2025 थी. फिर इसे 16 दिसंबर तक एक्सटेंड किया गया था. अब 31 दिसंबर तक पेनल्टी के साथ बिलेटेड ITR ही भरा जा सकता है. इस बार ऐसे करोड़ों टैक्सपेयर्स हैं, जिन्होंने टाइम से ITR भर दिया है. रिफंड प्रोसेसिंग में हैं, लेकिन अब तक पैसा आया नहीं है. अगर आप भी इस लिस्ट में शामिल हैं, तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. आपका पैसा कुछ ही दिनों में आ जाएगा. साथ में आपको सरकार की तरफ से ब्याज भी मिलेगा.
कितने दिनों में आता है ITR रिफंड?
अगर आपने अपना ITR सही तरीके से फाइल और ई-वेरिफाई कर दिया है, तो रिफंड 4 से 5 दिन और मैक्सिमम 7 दिन के अंदर आपके बैंक अकाउंट में क्रेडिट हो जाता है. कुछ मामलों में थोड़ी देर हो सकती है.
कब अटक जाता है रिफंड?
ज़्यादातर लोग ये मान लेते हैं कि ITR फॉर्म भर दिया तो और कुछ करने की जरूरत नहीं है. जबकि ITR भरने का प्रोसेस तब तक कंप्लीट नहीं होता, जब तक कि आप ई-वेरिफिकेशन न कर देते हों. e-वेरिफिकेशन का मतलब हो है कि आपने जो रिटर्न फाइल किया है, उसे आप पक्का कर रहे हैं कि इसे आपने ही किया है. ये एक छोटा-सा कन्फर्मेशन है जो आप मोबाइल OTP, आधार, नेटबैंकिंग या इनकम टैक्स वेबसाइट से कर सकते हैं. इसमें सिर्फ कुछ मिनट लगते हैं, लेकिन लोग या तो इसे भूल जाते हैं. रिटर्न भरने के 30 दिनों के अंदर आपको उसे e-वेरिफाई भी करना होता है. बिना इसके रिटर्न इनवैलिड होता है और रिफंड भी रुक सकता है.
रिफंड में देरी होने पर ब्याज देने का क्या है नियम?
अगर आपने तय समय पर या डेडलाइन से पहले ITR फाइल किया है. टैक्स डिपार्टमेंट को आपके पैसे लौटाने में वक्त लग गया, तो सरकार IT एक्ट के सेक्शन 244A के तहत आपके रिफंड पर ब्याज देती है. ऐसे में टैक्सपेयर्स को सालाना 6% ब्याज मिलता है. ये ब्याज उस दिन से मिलना शुरू हो जाता है, जब रिफंड देय माना गया. आमतौर पर ITR प्रोसेसिंग के बाद या फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत से माना जाता है.
कितना ब्याज मिलेगा?
मान लीजिए, अगर आपका 50 हजार का रिफंड 3 महीने लेट हुआ, तो करीब 750 रुपये अतिरिक्त ब्याज जुड़ेगा. दिसंबर में रिफंड लेने वाले ज्यादातर लोगों को मूल रकम के साथ एक्स्ट्रा बोनस मिल रहा है. ये ब्याज ऑटोमैटिक जुड़ जाता है. इसके लिए अलग से क्लेम करने की जरूरत नहीं पड़ती.
आखिर कब तक आएगा अटका हुआ रिफंड?
इस बार ITR फाइलिंग फॉर्म और टूल्स ऑनलाइन होने में वक्त लग गया था. इसलिए प्रोसेसिंग, वेरिफिकेशन या हाई वैल्यू रिफंड चेक में थोड़ा समय लग रहा है. छोटे रिफंड (10 हजार तक) जल्दी क्लियर होते हैं, लेकिन 1 लाख से ऊपर वाले में मैनुअल चेक ज्यादा लगता है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने साफ कहा है कि दिसंबर के आखिर या जनवरी के पहले हफ्ते तक 99% रिफंड डिस्पैच हो जाएंगे. अगर आपका स्टेटस ‘रिफंड इश्यूड’ दिख रहा है लेकिन पैसा नहीं आया, तो 7-10 दिन और इंतजार करें. इस बीच पोर्टल पर जाकर रिफंड को ट्रैक करते रहे.
ब्याज की रकम पर लगता है टैक्स
हालांकि, टैक्सपेयर्स को लेट रिफंड पर मिले ब्याज की रकम पर कुछ टैक्स भी देना होता है. इस ब्याज को Income from Other Sources के तहत आपकी टैक्सेबल इनकम में शामिल किया जाता है. यानी अगर आपको 1,000 रुपये ब्याज मिला है, तो उस पर भी आपको टैक्स देना होगा. हालांकि, अगर आपका रिफंड कुल टैक्स का 10% से कम है या 100 रुपये से कम है, तो आपको कोई ब्याज नहीं मिलेगा. कई बार लोग शिकायत करते हैं कि उन्हें सिर्फ रिफंड मिला, ब्याज नहीं. इसका कारण यही हो सकता है.
कैसे चेक करेंगे रिफंड स्टेटस?
इनकम टैक्स की वेबसाइट से चेक करें स्टेटस
मोबाइल से भी कर सकते हैं चेक
31 दिसंबर है बिलेटेड ITR भरने की डेडलाइन
फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए जुर्माने के साथ ITR भरने की डेडलाइन 31 दिसंबर है. आप 31 दिसंबर 2025 की रात 12 बजे से पहले पेनल्टी के साथ ITR फाइल कर सकते हैं. अगर इस डेडलाइन के बाद भी ITR फाइल नहीं करते हैं, तो आपका रिफंड (वापस मिलने वाला टैक्स) क्लेम नहीं होगा. फिर चाहे कितना भी रिफंड बनता हो. आपके घर नोटिस आएगा. कानूनी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है.
बिलेटेड ITR में कितनी पेनल्टी लगती है?
अगर आप 5 लाख से कम इनकम का बिलेटेड ITR फाइल करते हैं, तो आपको 1,000 रुपये लेट फीस देनी होगी. वहीं, 5 लाख या उससे ज्यादा इनकम पर 5,000 रुपये की लेट फीस लगेगी.
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