Income Tax Return: कोरोना महामारी के कारण इनकम टैक्स रिटर्न भरने की तारीखें कई बार बढ़ाई जा चुकी हैं. अबकी बार इनकम टैक्स रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर निर्धारित की गई है. जिसमें अब महज दो हफ्ते से भी कम समय बचा हुआ है. इसलिए अंतिम तिथि का इंतजार छोड़कर पहले आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में जुट जाएं. Also Read - ITR Date Extension News: 15 फरवरी से आगे नहीं बढ़ेगी ITR फाइल करने की डेडलाइन, सरकार ने आयकर दाताओं की मांग को किया खारिज

अगर आपको इनकम टैक्स छूट को लेकर कोई कंफ्यूजन है तो नियमों को ध्यान से पढ़ें. हो सकता है आपको टैक्स भरते वक्त अतिरिक्त फायदा मिल जाए. होम लोन और एजुकेशन लोन पर इनकम टैक्स की छूट का फायदा मिलता है, लेकिन ज्यादातर लोग ये नहीं जानते कि पर्सनल लोन पर भी इनकम टैक्स छूट का फायदा मिल सकता है. लेकिन पर्सनल लोन में इनकम टैक्स छूट का फायदा लेने के लिए विशेष परिस्थितियां ही हैं, जिनमें आप छूट का दावा पेश कर सकते हैं. Also Read - ITR Filing Last Date: Income Tax Return फाइल करने की डेट बढ़ी, जानें कब है आखिरी तारीख

जानिए- किन तरीकों से ले सकते हैं पर्सनल लोन पर टैक्स छूट Also Read - Income tax return last date: अंतिम तारीख तक नहीं फाइल किया ITR तो देना होगा हर्जाना, जानें- समय से रिटर्न दाखिल करने के फायदे

वैसे तो सीधे तौर पर इनकम टैक्स अधिनियम (Income Tax Act) में पर्सनल लोन पर टैक्स छूट का कोई प्राविधान नहीं है. लेकिन, इसका मतलब ये नहीं है कि पर्सनल लोन पर टैक्स छूट नहीं ले सकते.

अगर आपने भी किसी बैंक से पर्सनल लोन लिया है और उसका इस्तेमाल आपने बिजनेस, रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के कंस्ट्रक्शन या खरीददारी में किया है या फिर कुछ ऐसी संपत्तियां खरीदी हैं, जो टैक्स छूट के दायरे में आती हैं तो पर्सनल लोन पर भी टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं.

बिजनेस में निवेश पर मिलती है छूट

पर्सनल लोन के पैसे का निवेश अगर बिजनेस में किया गया है तो ब्याज को आप खर्च के तौर पर दिखा सकते हैं और इसके लिए क्लेम ले सकते हैं. इससे आपकी टैक्स देनदारी घट जाएगी. इसके साथ बिजनेस का मुनाफा भी बढ़ जाएगा. सबसे अच्छी बात ये है कि इसे लेकर कोई कैप नहीं है यानी कि आप कितना भी इंटरेस्ट खर्च के तौर पर दिखाकर क्लेम कर सकते हैं.

घर की रिपेयरिंग पर क्लेम करें छूट

होम लोन पर दो तरह से टैक्स में लाभ मिलता है. एक तो ब्याज पर दूसरा प्रिंसिपल एमाउंट पर. अगर आपने पर्सनल लोन लेकर घर की मरम्मत करवाई है या फिर रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीदी है तो आप टैक्स बेनेफिट ले सकते हैं. आप इनकम टैक्स के सेक्शन 24 के तहत ब्याज पर टैक्स बेनेफिट ले सकते हैं. अगर आप उस घर में रहते हैं तो 2 लाख रुपए तक टैक्स छूट पा सकते हैं, अगर घर को किराए पर दिया हुआ है तो कितना भी टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं, इसकी कोई सीमा नहीं है.

परिसंपत्तियां खरीदने पर करें छूट का दावा

अगर आपने पर्सनल लोन के पैसे से ज्वैलरी खरीदी है, नॉन रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीदी है या फिर शेयर में निवेश किया है तो आपको इस पर भी टैक्स छूट ले सकते हैं. हालांकि, इस पर छूट उस साल नहीं ली जा सकती है, जिस साल ब्याज चुकाया गया, उसे टैक्स बेनेफिट उस साल मिलेगा जब वो उस एसेट को बेचेगा.

गौरतलब है कि टैक्स छूट केवल ब्याज पर मिलता है न कि प्रिंसिपल अमाउंट पर. इसके साथ, अगर पर्सनल लोन का पैसा ऊपर दिए गए तीन एसेट्स के अलावा कहीं और निवेश किया गया तो उसमें टैक्स का फायदा नहीं मिलेगा.