India China Border Dispute: पूर्वी लद्दाख में चीन की सेना के साथ हुए हिंसक संघर्ष में शहीद हुए भारतीय सेना के 20 जवानों का बदला लेने के लिए मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. भारत सरकार का दूरसंचार विभाग (DoT) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के जरिए ये काम करने जा रहा है. Also Read - भारतीय सेना ने 72 हजार अमेरिकी राइफलों का दिया ऑर्डर, बंदूक की खासियत है कमाल

दरअसल, सरकार ने योजना बनाई है कि वह बीएसएनएल की सेवाओं को 4जी में अपग्रेड करने के लिए आमंत्रित की जाने वाली निविदा में चीनी कंपनियों को शामिल नहीं करेगी. इसके लिए निविदा की शर्तों में तुरंत बदलाव करने को कहा गया है. इससे चीन की टेलीकॉम उपकरण बनाने वाली कंपनियों को अरबों का झटका लग सकता है. Also Read - India-China Border News Update: टकराव वाले इलाकों गोग्रा और हॉट स्प्रिंग्स से पीछे हटे चीनी सैनिक पर इंडियन एयरफोर्स अब भी....

दूरसंचार विभाग ने बीएसएनएल से तुरंत टेडर की प्रक्रिया बदलने को कहा है. इसके साथ ही माना जा रहा है कि सरकार निजी टेलीकॉम कंपनियों से कहेगी कि वे चीनी उपकरणों पर अपनी निर्भरता कम करें. Also Read - LAC पर डटी रहेगी भारतीय सेना, भीषण ठंड झेलने वाले हजारों टेंट्स का ऑर्डर दिया

देश की निजी टेलीकॉम कंपनियां 5जी नेटवर्क पर काम कर रही हैं. चीन की प्रमुख हुवेई (Huawai) इसके लिए उपकरण उपलब्ध कराने की वाली प्रमुख कंपनी है. ऐसे अगर भारत सरकार टेलीकॉम सेक्टर से चीन की कंपनियों को आउट करती है तो उनको भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.

लद्दाख क्षेत्र में चीन की सेना के साथ हुए इस मुठभेड़ के बाद सरकार काफी दबाव में है. वह आने वाले दिनों में आर्थिक मोर्चे पर चीन को बड़ा झटका देने की तैयारी में है.