नई दिल्ली। भले ही भारत-चीन के बीच लंबे समय से सीमा विवाद रहा हो, लेकिन दोनों देशों ने इस तनाव की आंच व्यापार पर नहीं आने दी है. 2017 में भारत-चीन द्विपक्षीय व्यापार 84.44 अरब डॉलर (करीब 5,47,982 करोड़ रुपये) की ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया. दोनों देशों के बीच डोकलाम विवाद सहित कई मुद्दों पर मतभेदों के बावजूद ये आंकड़ा चौंकाने वाला है. दोनों देशों का लक्ष्य कुछ सालों में इसे 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का है.Also Read - Shoaib Akhtar को बड़ी राहत, एंकर से बदसलूकी मामले पर PTV ने कानूनी नोटिस वापस लिया

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चीन के साधारण सीमा शुल्क प्रशासन के आंकड़ों से ये तथ्य सामने आया है. आंकड़ों के मुताबिक, साल 2017 में चीन को भारत का निर्यात करीब 40 प्रतिशत बढ़कर 16.34 अरब डॉलर पर पहुंच गया. साल 2017 में द्विपक्षीय व्यापार 18.63 प्रतिशत बढ़कर 84.44 अरब डॉलर रहा. ऐसा पहली बार हुआ है जब दोनों देशों के बीच व्यापार 80 अरब डॉलर के पार पहुंच गया. पिछले साल ये आंकड़ा 71.18 अरब डॉलर था. Also Read - बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए पाक टीम का ऐलान, इमाम-उल-हक को मौका

डोकलाम विवाद के आठ महीने बाद भी संवेदनशील है भारत-चीन सीमा, कभी भी बिगड़ सकते हैं हालात

डोकलाम विवाद के आठ महीने बाद भी संवेदनशील है भारत-चीन सीमा, कभी भी बिगड़ सकते हैं हालात

भारत और चीन के बीच कई मुद्दों पर गहरे मतभेद हैं. इनमें जैश ए मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर को यूएन में आतंकी लिस्ट में शामिल कराने में चीन की अड़ंगेबाजी, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा यानी सीपीईसी मुद्दा, पाकिस्तान को अंध समर्थन का मुद्दा, एनएसजी में भारत की सदस्यता पर चीन की ओर से रुकावट और सबसे बड़ा और ताजा मामला है डोकलाम विवाद का. डोकलाम में दोनों देशों की सेनाएं 73 दिनों तक आमने-सामने डटी हुई थीं. हालांकि मामला सुलझने के बाद भी चीन की पैंतरेबाजी जारी है और उसने डोकलाम में हैलीपैड और कई सैनिक चौकियां बना ली हैं.