कैश या UPI...धनतेरस से दिवाली तक भारतीयों ने खरीदारी के लिए किस पेमेंट मोड का किया सबसे ज्यादा इस्तेमाल? आंकड़े जान रह जाएंगे दंग

UPI Payments in India: भारत में दिवाली का समय न सिर्फ रोशनी और खुशियों का त्योहार होता है, बल्कि खरीदारी का भी बड़ा मौका होता है. हर साल इस दौरान बाजारों में भारी रौनक देखी जाती है, और अब ज्यादातर लोग कैश की जगह डिजिटल पेमेंट को प्राथमिकता दे रहे हैं.

Published date india.com Published: October 21, 2025 8:40 PM IST
UPI payments in India
UPI payments in India

UPI Payments in India: भारत में दिवाली का समय न सिर्फ रोशनी और खुशियों का त्योहार होता है, बल्कि खरीदारी का भी बड़ा मौका होता है. हर साल इस दौरान बाजारों में भारी रौनक देखी जाती है, और अब ज्यादातर लोग कैश की जगह डिजिटल पेमेंट को प्राथमिकता दे रहे हैं. इस साल धनतेरस से दिवाली तक के बीच एक बार फिर UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) का जादू छाया रहा. ज्यादातर लोगों ने खरीदारी करते समय नकद या कार्ड की बजाय UPI के जरिए पेमेंट करना पसंद किया.

किस पमेंट मोड का भारतीयों ने किया इस्तेमाल?

Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार, तीन दिनों के फेस्टिव पीरियड में UPI के जरिए हुए लेन-देन की संख्या 56.8 करोड़ से बढ़कर 73.7 करोड़ तक पहुंच गई, यानी करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. हालांकि, कुल लेन-देन के मूल्य में सिर्फ 2.7 फीसदी की मामूली वृद्धि दर्ज की गई. इसका मतलब यह है कि छोटे-छोटे डिजिटल पेमेंट, जैसे रिटेल शॉपिंग या छोटे व्यापारी भुगतान, अब देश की डिजिटल इकॉनमी का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं. इससे यह साफ है कि आम जनता अब डिजिटल भुगतान को अपनाने में पूरी तरह सहज हो चुकी है.

डेबिट कार्ड और प्रीपेड वॉलेट से खत्म हो रहा मोह

वहीं, दूसरी तरफ डेबिट कार्ड और प्रीपेड वॉलेट जैसे पेमेंट मोड की लोकप्रियता में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, डेबिट कार्ड से होने वाले पॉइंट ऑफ सेल (POS) ट्रांजैक्शन में 11 फीसदी की कमी आई है. इसके अलावा, वॉलेट्स और गिफ्ट कार्ड जैसे प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स में ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में 26 फीसदी और वैल्यू में 50 फीसदी की तेज गिरावट दर्ज हुई है. यह दिखाता है कि लोग अब सीधे बैंक-टू-बैंक ट्रांसफर यानी UPI को सबसे सुविधाजनक और भरोसेमंद मान रहे हैं.

कितने लोगों ने किया UPI का इस्तेमाल?

अगर पिछले कुछ सालों के आंकड़े देखें तो UPI का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है. तीन साल पहले जहां दिवाली के समय करीब 24.5 करोड़ लेन-देन हुए थे, वहीं अब यह संख्या 73.7 करोड़ तक पहुंच गई है. कुल लेन-देन का मूल्य भी 87,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है. वहीं, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भी ई-कॉमर्स साइट्स जैसे फ्लिपकार्ट और अमेजन पर बढ़ा है, क्योंकि इन पर बैंकों और ऐप्स की ओर से अतिरिक्त छूट दी जाती है. नवरात्रि 2025 के दौरान क्रेडिट कार्ड से खरीदारी 26.8 फीसदी बढ़ी. इन सभी आंकड़ों से साफ है कि भारत में अब फेस्टिवल शॉपिंग का मतलब सिर्फ खरीदारी नहीं, बल्कि डिजिटल क्रांति का उत्सव भी बन चुका है.

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