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इकोनॉमी से डिफेंस तक, AI से स्पेस तक... 2026 में भारत हासिल करने वाला है ये 8 मुकाम

विकसित भारत के लिहाज से देखें, तो साल 2026 में ऐसे 8 मुकाम हैं; जिन्हें सरकार को हासिल करना होगा. इनमें 7% की GDP रेट हासिल करना, डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता हासिल करना और 1 मिलियन AI प्रोफेशनल तैयार करना शामिल है.

Written by: Anjali Karmakar
Updated: December 22, 2025, 11:44 PM IST

साल 2025 खत्म होने में कुछ दिन बचे हैं. फिर नया साल 2026 आ जाएगा. नए साल के साथ आएंगी नई उम्मीदें, नई आशाएं, नए सपने और नए लक्ष्य… इन नए लक्ष्यों और सपनों को पूरा करने के लिए साथ में आएगा नया जोश और नए इरादे. साल गुजरने से पहले हम, आप और ज्यादातर लोग पुरानी गलतियों, दुखों और खराब अनुभवों से सीख लेते हुए आने वाले साल में अपनी जिंदगी को बेहतर करने की प्लानिंग करते हैं. फिर सालभर अपने टारगेट पर काम करते हैं. भारत के लिए भी आने वाला साल नई उम्मीदों और नई संभावनाओं का साल होने वाला है.

विकसित भारत के लिहाज से देखें, तो साल 2026 में ऐसे 8 मुकाम हैं; जिन्हें सरकार को हासिल करना होगा:-

1.दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनेगा भारत

  • भारत करीब 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ अभी दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. 2030 तक भारत ने जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का टारगेट रखा है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत 2026 में 7% की रेट से GDP ग्रोथ हासिल करने की कोशिश करेगा.
  • एशियन डेवलपमेंट बैंक यानी ADB ने FY26 (2025–26) के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.5% से बढ़ाकर 7.2% कर दिया है. ऐसा घरेलू खपत की मजबूती और तीसरी तिमाही की बेहतर ग्रोथ के कारण हुआ है.
  • कई अर्थशास्त्री और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अगर घरेलू मांग, निवेश और नीतिगत समर्थन बना रहा, तो 2026–2035 के दशक में भारत ‘तेज ग्रोथ की लहर’ देख सकता है.
  • राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के ताजा अनुमान के मुताबिक, FY25 में भारत की GDP ग्रोथ लगभग 6.5% रही. यानी GDP ग्रोथ न बहुत तेज, न कमजोर थी, लेकिन ये बेहद स्थिर रही. ऐसे में भारत आने वाले साल की पहली तिमाही में 7.2% GDP ग्रोथ रेट हासिल कर सकता है.
  • RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी(MPC) 2025 के मुताबिक, 2026 में महंगाई कुछ कम होने की संभावना है. लोगों की इनकम बढ़ रही है. ऐसे में रोजगार के बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं.
  • भारत में 2026 तक 1.28 करोड़ नई नौकरियां पैदा होने का लक्ष्य रखा गया है. ये नौकरियां डिफेंस, मैन्युफैक्चरिंग और AI सेक्टर में पैदा होंगी.

2.डिफेंस में फौलादी इरादें

  • साल 2026 के लिए डिफेंस सेक्टर में भारत ने मजबूती लाने का प्लान तैयार कर रखा है. इसके प्रमुख लक्ष्यों में डोमेस्टिक डिफेंस मैन्युफैक्चर को बढ़ाना, मेक इन इंडिया को प्रमोट करना, डिफेंस प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट को बढ़ाना और आर्म्ड फोर्सेस का मॉर्डनाइजेशन करना है.
  • भारत ने मार्च 2026 तक डिफेंस एक्सपोर्ट में 30,000 करोड़ रुपये (करीब 3.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुंचने का टारगेट रखा है. ये 2029 तक 50,000 करोड़ के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है.
  • 2026 दिसंबर तक डोमेस्टिक डिफेंस प्रोडक्शन के वैल्यू को 1.60 लाख करोड़ (करीब 19 बिलियन अमेरिकी डॉलर) से ज्यादा करने का टारगेट रखा है. 2029 तक इसे 3 लाख करोड़ तक पहुंचाने का टारगेट रखा गया है.
  • सरकार 2026 में डिफेंस प्रोडक्ट के इंपोर्ट पर निर्भरता को कम करके 2027 तक हथियारों में 70% आत्मनिर्भरता हासिल करने की कोशिश करेगी. इसके तहत फाइनेंशियल ईयर 2025 में 92% कॉन्ट्रैक्ट घरेलू कंपनियों को दिए गए थे.
  • भारत तीन कैडेट ट्रेनिंग जहाजों की डिलीवरी 2026 में शुरू करने वाला है. एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) की टेस्टिंग भी अप्रैल 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है.
  • वहीं, तेजस MK1A जेट के लिए GE F404 इंजन की डिलीवरी और लंबी अवधि में पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद भी इसी साल होनी है.

3.मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर

  • भारत ने फाइनेंशियल ईयर 2026-2027 के लिए प्राइमरी मैन्युफैक्चरिंग टारगेट 1 ट्रिलियन डॉलर (87.57 लाख करोड़ रुपये) का रखा है.
  • इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में 300 अरब डॉलर के प्रोडक्शन का टारगेट रखा गया है.
  • 2026 में भारत सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के लिए महत्वपूर्ण निवेश पर काम भी करेगा.
  • भारत का फोकस रेलवे, सड़क और रक्षा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर है. इसमें प्रयागराज में गंगा पर सिक्स लेन पुल शामिल है. इसका काम 2026 के आखिर तक पूरा होना है.
  • इसके साथ ही 2026 में बिहार से मुंबई, दिल्ली, सूरत और पंजाब के लिए अमृत भारत ट्रेनों को ऑपरेट किया जाएगा. देश को कई वंदे भारत ट्रेनों की सौगात भी मिल सकती है.

4.हेल्थकेयर और मेडिसीन

  • हेल्थ केयर और मेडिसीन सेक्टर में भारत ने कई टारगेट रखे हैं. भारत 2026 तक कुछ बीमारियों से मुक्त होना चाहता है. भारत ने साल 2026 तक चेचक (Measles) और जर्मन खसरा (Rubella) बीमारी से मुक्त होने का टारगेट रखा है.
  • सरकार नेशनल सिकल सेल एनीमिया एलिमिनेशन मिशन पर भी काम करेगी. भारत ने 2047 तक सिकल सेल मुक्त होने का टारगेट सेट किया है. इसके लिए नए साल से तेजी से काम शुरू हो जाएगा.
  • साल 2026 तक भारत सरकार हर जिले में कैंसर केयर सेंटर्स बनाना चाहती है. इसके साथ ही 200 नए डेयकेयर कैंसर सेंटर्स भी बनाए जाएंगे. भारत को सरकारी अस्पतालों में प्रति 1000 मरीजों पर 3 बेड का टारगेट भी हासिल करना है.
  • आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत भारत ने 2026 तक नेशनल डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम बनाने का भी टारगेट रखा है.
  • फार्मा सेक्टर 2026 में जेनेरिक से इनोवेशन की ओर शिफ्ट होगा. भारत ने 2047 तक 500 अरब डॉलर का फार्मा इंडस्ट्री बनने का टारगेट रखा है.

5.रूस-अमेरिका के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का लक्ष्य

  • 2026 में भारत इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर मजबूती से अपनी मौजदूगी दर्ज कराने वाला है. भारत 2026 में BRICS समिट की मेजबानी करेगा.
  • इसके साथ ही भारत अपने दोस्त रूस के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को फाइनल करने की कोशिश करेगा.
  • अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के साथ भी भारत की फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत अटकी हुई है, सरकार इसे भी फाइनल स्टेज पर लाने की कोशिश करेगी.
  • नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के तहत भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ व्यापार को बढ़ाने पर काम कर सकता है.
  • इंटरनेशनल सोलर अलायंस के जरिए भारत क्लाइमेट डिप्लोमेसी भी दिखा सकता है.

6.एनर्जी सेक्टर में भारत की बढ़ेगी निर्भरता

  • भारत ने 2026 तक रिन्यूबल एनर्जी और ग्रीन एनर्जी के व्यापक विस्तार का टारगेट रखा है.
  • इस साल भारत 50 गीगावाट एनुअल ग्रोथ (सोलर/विंड) को बनाए रखना, 20% इथेनॉल मिक्स को हासिल करने पर काम करेगा.
  • एनर्जी स्टोरेज को बढ़ावा देना , बायोगैस का विकास करना और यहां तक ​​कि परमाणु ऊर्जा को निजी निवेश के लिए खोलने का भी लक्ष्य रखा गया है.
  • पारंपरिक कोयले का प्रबंधन करते हुए ऊर्जा सुरक्षा और डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों को आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा.
  • अनुमान है कि 2026 तक बायोगैस इंडस्ट्रीज का आकार 3-4 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा.

7.स्पेस में उड़ान भरने को तैयार भारत

  • भारत ने 2025 तक अंतरिक्ष में खुद का स्पेस स्टेशन भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन बनाने का टारगेट सेट किया है. इसका श्रीगणेश 2026 से किया जाएगा.
  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने मार्च 2026 तक 7 मिशनों का शेड्यूल शेयर किया है. ये मिशन LVM3, PSLV, GSLV Mk II और SSLV समेत कई लॉन्च व्हीकल का इस्तेमाल करेंगे.
  • ISRO के शेड्यूल में पहला मानव रहित गगनयान मिशन (Gaganyan Mission) शामिल है. ये भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह मिशन व्योममित्र को ले जाएगा.
  • व्योममित्र’ अंतरिक्ष में इंसानी कामों को करने के लिए डिज़ाइन किया गया एक मानवरूपी रोबोट है.
  • अंतरिक्ष में भारत के पहले सोलर मिशन, आदित्य-L1 के लिए 2026 के एक अभूतपूर्व साल होने की उम्मीद है. पिछले साल कक्षा में स्थापित की गया आदित्य-L1 फरवरी 2026 में पहली बार सूर्य को करीब से देख सकेगी.
  • मार्च 2026 से पहले एक डेडिकेटेड छोटे सैटेलाइट को ऑर्बिट में स्थापित करने के लिए एक SSLV मिशन भी लॉन्च होना है.
  • इसके साथ ही GSLV Mk II, EOS-5 (GISAT-1A) को लॉन्च किया जाएगा, जो 2021 में फेल हुए पिछले GISAT-1 मिशन की जगह लेगा.

8.आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

  • भारत फरवरी 2026 में AI इम्पैक्ट समिट की मेजबानी करेगा. इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को जनहित में लाभकारी बनाने की पर चर्चा होगी.
  • स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की 2025 रिपोर्ट के अनुसार, भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में दुनिया का तीसरा सबसे शक्तिशाली देश है. भारत का स्कोर 21.59 है. इस साल भारत अपनी रैंक को सुधारने की कोशिश करेगा.
  • भारत ने 2026 के आखिर तक 1 मिलियन AI प्रोफेशनल तैयार करने का टारगेट रखा है.
  • टियर 2 और टियर 3 शहरों में AI स्टार्टअप्स और इनोवेशन को बढ़ावा देने की कोशिश रहेगी.

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