नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2019-20 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का अनुमान 6.1% से घटाकर 5% कर दिया है. मौद्रिक नीति समीक्षा आने के बाद यह अनुमान लगाया गया है. रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर को 5.15 प्रतिशत पर यथावत रखने के साथ ही रिवर्स रेपो दर 4.90 प्रतिशत और सीमांत स्थाई सुविधा, बैंक दर भी 5.40 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखी गई है. रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही के लिए खुदरा मुद्रास्फीति अनुमान बढ़ाकर 5.1- 4.7 प्रतिशत किया. पिछली मौद्रिक समीक्षा में इसे 3.5 – 3.7 प्रतिशत रखा गया था. रिजर्व बैंक ने आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत रुख को उदार बनाए रखा है.

मौद्रिक नीति समीक्षा आने से पहले नीतिगत दरों में कटौती की उम्मीद के चलते शेयर बाजार की शुरुआत अच्छी रही. इसके अलावा अमेरिका-चीन के बीच जल्द व्यापार समझौते की संभावना का असर भी बाजार में दिखा. बृहस्पतिवार को रिजर्व बैंक ने अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश किया. यह चालू वित्त वर्ष की पांचवी मौद्रिक समीक्षा है. इस संबंध में निर्णय लेने वाली मौद्रिक नीति समिति की बैठक तीन दिसंबर को शुरू हुई थी.

भारतीय रिजर्व बैंक की बृहस्पतिवार को मौद्रिक नीति समीक्षा आने से पहले शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया सामान्य स्तर पर रहा. यह 71.53 रुपये प्रति डॉलर पर खुला. मुद्रा कारोबारियों के अनुसार मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले निवेशकों का रुख सावधानी भरा रहा और रुपये में सीमित दायरे में कारोबार हुआ. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार पर डॉलर के मुकाबले रुपया 71.50 पर खुला और थोड़े समय में 71.55 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर पर पहुंच गया. करीब पौने ग्यारह बजे यह 71.45 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर चल रहा है.

बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 71.53 पर बंद हुआ था. इस बीच ब्रेंट कच्चा तेल 0.16 प्रतिशत गिरकर 62.90 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. आरंभिक आंकड़ों के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने बुधवार को 781.06 करोड़ रुपये की बिकवाली की. दस वर्ष की परिपक्वता वाली अवधि के सरकारी बांड पर शुरुआती कारोबार में प्रतिफल 6.46 प्रतिशत पर चल रहा है.

(इनपुट-भाषा)