Indian Economy News: गुरुवार को फॉरेन एक्सचेंज डीलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FEDAI) के वार्षिक कार्यक्रम को वर्चुअल तरीके से संबोधित करते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने उम्मीद से अधिक जोरदार तरीके से वापसी की है. अब त्योहारी सीजन के बाद मांग में स्थिरता पर नजर बनाए रखने की जरूरत है.Also Read - पी चिदंबरम ने भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति को बताया 'चिंताजनक', कहा- सुधार की रफ्तार बेहद सुस्त

रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि आरबीआई वित्तीय बाजारों के कामकाज को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और हम किसी भी नकारात्मक जोखिम को कम करने के लिए काम करेंगे. पूंजी खाता परिवर्तनीयता को एक घटना के बजाए एक प्रक्रिया के रूप में देखने का नजरिया जारी रहेगा. Also Read - RBI के रेपो रेट में बढ़ोतरी से शेयर बाजार पर बनेगा दबाव, बढ़ जाएगी आपके लोन की EMI

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शक्तिकांत दास ने कहा कि पूरी दुनिया के साथ भारत की वृद्धि में भी गिरावट आने का जोखिम बना हुआ है.

गौरतलब है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था में 23.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी. RBI के अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 9.5 फीसदी की गिरावट रह सकती है. दास ने कहा कि वृद्धि का आउटलुक काफी बेहतर हुआ है, लेकिन यूरोप और भारत के कुछ हिस्सों में कोरोना वायरस महामारी के दोबारा फैलने की वजह से वृद्धि के लिए डाउनसाइड जोखिम बना हुआ है.