
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
भारत की अर्थव्यवस्था अभी दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. मोदी सरकार ने साल 2030 तक इसके दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी होने का टारगेट रखा है. ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्शन यानी GDP रेट साल दर साल बढ़ रहा है. इन सबके बीच जब इनकम को प्रति व्यक्ति के हिसाब से मापा जाता है, तो भारत काफी पीछे रह जाता है. प्रति व्यक्ति आय यानी Per Capita Income के मामले में भारत की स्थिति गरीबी और असमानता जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे देश नामीबिया से भी खराब है. नामीबिया से भारत में कूनो नेशनल पार्क (मध्य प्रदेश) के लिए चीते लाए गए थे.
वर्ल्ड इनइक्वालिटी रिपोर्ट में हुआ खुलासा
दरअसल, भारत में इनकम और प्रॉपर्टी के बीच असमानता रिकॉर्ड लेवल पर चली गई है. वर्ल्ड इनइक्वालिटी रिपोर्ट 2026 के मुताबिक, भारत की नेशनल इनकम का 58% हिस्सा टॉप 10% अमीर लोगों के पास चला जाता है, जबकि नीचे की 50% आबादी को महज 15% ही मिलता है.
कितनी है नामीबिया की प्रति व्यक्ति आय?
2025 के अनुमान के मुताबिक, नामीबिया की प्रति व्यक्ति आय करीब 4,820 डॉलर है. दक्षिण अफ्रीका की प्रति व्यक्ति आय 6,300 डॉलर है. वहीं, भारत की प्रति व्यक्ति आय करीब 2,820 डॉलर है. इसका मतलब है कि एक औसत नामीबियाई एक औसत भारतीय से लगभग 1.7 गुना ज्यादा कमाता है. नामीबिया भारत से काफी छोटा देश है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 8.24 लाख वर्ग किलोमीटर है. ये भारत के कुल क्षेत्रफल के लगभग एक-चौथाई (1/4) हिस्से के बराबर है. इसकी आबादी दिल्ली से भी काफी कम है.
भारत की प्रति व्यक्ति आय कम होने की वजह?
भारत की अर्थव्यवस्था ने 2025 में 4 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पर कर लिया है, लेकिन इसके बावजूद प्रति व्यक्ति आय काफी कम है. ऐसा जनसंख्या के आकार की वजह से है. भारत की जनसंख्या 1.4 बिलियन (करीब 142 करोड़) है. ऐसे में इनकम बंट जाती है. जबकि नामीबिया की आबादी सिर्फ 3 मिलियन के आसपास है.
प्रति व्यक्ति आय में भारत की ग्लोबल रैंकिंग?
प्रति व्यक्ति आय की ग्लोबल रैंकिंग में भारत कुल 190 देशों में 136वें और 142वें स्थान के बीच है. औसत सालाना आय यानी PPP की बात करें तो इस मामले में भारत की रैंक लगभग 119वें से 125वें स्थान पर पहुंच जाती है. अपने पड़ोसियों की तुलना में भारत की स्थिति भी मिली जुली दिखती है. भूटान की प्रति व्यक्ति आय लगभग $4,302 है. वहीं, अगर बांग्लादेश की बात करें तो यहां की प्रति व्यक्ति आय लगभग 2700 डॉलर है. पाकिस्तान की प्रति व्यक्ति आय लगभग $1,458 के आसपास है.
देश के टॉप 10% के पास 65% संपत्ति
रिपोर्ट के मुताबिक, देश के टॉप 10% के पास 65% संपत्ति है. टॉप 1% के पास करीब 40% की प्रॉपर्टी है. बुधवार को रिलीज हुई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में प्रति व्यक्ति औसत सालाना आय (PPP) 6.56 लाख रुपये है. इसमें टॉप 10% को 58% इनकम का शेयर मिलता है.
टॉप 10% लोग 10.58 करोड़ के मालिक
देश के टॉप के 10% लोग 10.58 करोड़ रुपये संपत्ति के मालिक हैं. टॉप 0.001% (करीब 56,000 लोग) के पास तो प्रति व्यक्ति 10 करोड़ यूरो (करीब 1058 करोड़ रुपये) से ज्यादा की संपत्ति है. इस रिपोर्ट के एडिटर्स- ल्यूकस चांसल, रिकार्डो गोमेज कैररा, रोवाइदा मोशरिफ और थॉमस पिकेटी हैं. इन्होंने 180 देशों से डेटा कलेक्ट किया और रिपोर्ट तैयार की है.
देख लें बाकी देशों का हिसाब
पूरी दुनिया की बात करें, तो टॉप 10% लोगों के पास 75% संपत्ति है. 50% निचले तबके के पास सिर्फ 2% संपत्ति ही है. इनकम में 53% हिस्सेदारी 10% लोग ले जाते हैं. वहीं, बॉटम 50% को 8% ही मिल पाता है. लेकिन भारत इसमें सबसे ऊपर है. यूरोप में स्वीडन, नॉर्वे जैसे देश बेहतर हैं, जहां बॉटम 50% को 25% इनकम मिलती है.
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