Indian Economy: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के एक बुलेटिन में यह दावा किया गया है कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था पॉजिटिव रहने की उम्मीद है. रिजर्व बैंक (RBI) बुलेटिन के स्टेट ऑफ इकोनॉमी (State of Economy) आर्टिकल में कहा गया है कि इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में इकोनॉमिक ग्रोथ पॉजिटिव जोन में आ जाएगी, हालांकि यह ग्रोथ 0.1 फीसदी ही रहेगी, लेकिन फिर भी कोरोना के इस संकट के समय में पॉजिटिव ग्रोथ उत्साहजनक है. इस बुलेटिन में कहा गया है कि देश की इकोनॉमी में उम्मीद से भी तेज और बेहतर रिकवरी देखने को मिल रही है. Also Read - सरकार कर रही दावा, पर भारतीय अर्थव्यवस्था में नहीं दिख रहा सुधार, 25 प्रतिशत की गिरावट की आशंका

स्टेट ऑफ इकोनॉमी आर्टिकल (State of Economy Article) के मुताबिक, इकोनॉमिक रिकवरी के उम्मीद से अधिक रिकवरी के कई संकेत दिख रहे हैं. इसमें GDP की ग्रोथ रेट बढ़ने के पीछे दो कारकों की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है. पहला है सितंबर के मध्य से कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आना और निवेश और डिमांड तेजी से बढ़ना. दूसरा कारण है आत्मनिर्भर भारत के प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के जरिये कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर से फोकस इंवेस्टमेंट एक्सपेंडिचर की तरफ शिफ्ट होना. इस आर्टिकल में कहा गया हा कि महामारी के समय में प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ी, लेकिन अब निवेश में भी तेजी आई है. Also Read - Auto Sales: दिसंबर में यात्री वाहनों की बिक्री 14 फीसदी बढ़ी, पिछले साल समानावधि में बिके थे 2,22,728 वाहन

तेजी से सामान्य हो रही है भारत की अर्थव्यवस्था Also Read - Maharashtra Bank News: RBI ने एक और बैंक का लाइसेंस किया रद्द, पैसे निकालने की सीमा पांच लाख तय

आर्टिकल में बताया गया है कि लोगों में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के प्रति भय नहीं दिख रहा है, इस वजह से मैक्रोइकोनॉमिक पॉलिसीज के लिए बेहतर माहौल बना है और इकोनॉमी तेजी से सामान्य हो रही है.

गौरतलब है कि यह रिजर्व बैंक का आधिकारिक बयान नहीं है. स्टेट ऑफ इकोनॉमी आर्टिकल को रिजर्व बैंक (RBI) के अधिकारियों द्वारा लिखा गया है. ऑर्टिकल में यह स्पष्ट किया गया है कि ये लेखक के अपने विचार हैं और इसे आरबीआई का विचार नहीं समझा जाना चाहिए.

बता दें, इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्ता में 23.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी और दूसरी तिमाही में यह गिरावट 7.5 फीसदी थी.