अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने अनुमान जताया है कि साल 2021 में भारत की आर्थिक विकास की दर 11.5 फीसदी रहेगी. कोविड-19 महामारी के बीच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत एकमात्र ऐसा देश है, जिसकी आर्थिक विकास दर इस साल दहाई अंक में रहेगी. Also Read - बंगाल सरकार की कोरोना टेस्ट वेबसाइट से लाखों मरीजों का डाटा लीक

आईएमएफ ने कल यानी मंगलवार को जारी किए अपने ताजा विश्व आर्थिक परिदृश्य में वृद्धि का अनुमान जताया है. जिससे यह साफ हो जाता है कि भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी के साथ सुधार आएगा. वर्ष 2020 में महामारी के कारण इसमें आठ फीसदी गिरावट का अनुमान है. Also Read - Coronavirus in India Latest Updates: इन 6 राज्यों में फिर टूटा कोरोना का कहर, 24 घंटे में 17,404 नए मामले सामने आए; 89 लोगों की मौत

मुद्राकोष ने ताजा रिपोर्ट में 2021 में 11.5 फीसदी की दर से वृद्धि होने की अनुमान जताया है. इस तरह से अगले साल दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत एकमात्र ऐसा देश होगा, जिसकी वृद्धि दर दहाई अंक में होगी. वहीं, की आर्थिक वृद्धि दर 8.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है, जो दूसरे स्थान पर रहेगा. उसके बाद स्पेन (5.9 फीसदी) और फ्रांस (5.5 फीसदी) का स्थान रहने का अनुमान है. Also Read - Stock market: शेयर बाजार की तेजी पर लगा ब्रेक, सेंसेक्स 750 अंक टूटा, 200 अंकों से ज्यादा गिरा निफ्टी

आईएमएफ ने आंकड़ों को संशोधित करते हुए कहा कि 2020 में भारतीय अर्थव्यवस्था में आठ फीसदी का अनुमान है. चीन एकमात्र बड़ा देश है जिसकी वृद्धि दर 2020 में सकारात्मक 2.3 फीसदी रहने का अनुमान है.

आईएमएफ के मुताबिक, 2022 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.8 फीसदी और चीन की विकास दर 5.6 फीसदी रहने का अनुमान है. इस ताजा अनुमान के साथ भारत दुनिया की तीव्र आर्थिक वृद्धि वाला विकासशील देश का दर्जा फिर से हासिल कर लिया है.

इस महीने की शुरुआत में आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलीन जार्जीवा ने कहा था कि ‘भारत ने वास्तव में महामारी और उसके आर्थिक प्रभाव से निपटने के मामले में निर्णायक कदम उठाया है.’

उन्होंने कहा था कि ‘भारत की जितनी आबादी है और जिस तरह से लोग आस-पास रहते हैं, उसमें ‘लॉकडाउन’ बड़ा कदम था. उसके बाद भी भारत ने लक्षित पाबंदियां और ‘लॉकडाउन’ लगाया.

आईएमफ प्रमुख ने कहा कि इसके साथ नीतिगत कदम उठाए गए. ‘…अगर आप संकेतकों को देखें तो भारत आज कोविड पूर्व स्तर पर पहुंच गया है. यानी अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय रूप से पुनरुद्धार हुआ है.’