नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2019-20 का आम बजट शुक्रवार को लोकसभा में पेश करते हुए कहा कि भारत की जनता ने जनादेश के माध्यम से हमारे देश के भविष्य के लिए अपने दो लक्ष्यों- राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि पर मुहर लगाई है. उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस वित्त वर्ष में 3,000 अरब डॉलर की हो जाएगी. Also Read - coronavirus से भारत की इकोनॉमी को अब तक का सबसे बड़ा झटका, मूडीज ने GDP रेट 2.5 फीसदी किया

सीतारमण ने वित्त मंत्री के तौर पर अपना पहला बजट पेश करते हुए लोकसभा में यह बात कही. वित्त मंत्री ने कहा कि पांच साल पहले भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 1,850 अरब डॉलर था. अब यह 2,700 अरब डॉलर हो चुका है. अगले कुछ साल में अर्थव्यवस्था में 5,000 अरब डॉलर पर पहुंचने की क्षमता है. Also Read - सरकार ने दी राहत, किसानों को 2000 रुपए की पहली किस्त अप्रैल के पहले हफ्ते में ही मिलेगी

वित्त मंत्री ने कहा, हमने 2014 और 2019 के बीच केंद्र-राज्य संबंधों को नई गति दी, सहयोगपूर्ण संघवाद, जीएसटी परिषद और राजकोषीय अनुशासन के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता जताई है. उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है, मजबूत देश के लिए मजबूत नागरिक.

नरेन्द्र मोदी सरकार के इस दूसरे कार्यकाल में वित्त मंत्री द्वारा पेश किए जा रहे इस बजट से उम्मीद की जा रही है कि इसमें अगले पांच साल के देश की अर्थव्यवस्था की दिशा और गति को तय करने के लिए महत्वपूर्ण उपायों की घोषणा की जाएगी.