Indian Markets Gain Momentum As Fiis Shift To Buying Mode
भारतीय बाजार को FII का भरोसा, निवेश ने बदल दी धारणा; बिकवाली से खरीदी की ओर बढ़ा रुख
भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और सकारात्मक नीतियों से FII ने बिकवाली रोककर निवेश शुरू किया, जिससे बाजार की धारणा बदली. घरेलू निवेशकों और विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि ने स्थिरता को बढ़ावा दिया.
भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती के कारण विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) बिकवाली से खरीदी की ओर बढ़े हैं. नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर महीने में (6 दिसंबर तक) FII ने 24,453 करोड़ रुपये का निवेश किया. इनमें से 17,921 करोड़ रुपये का निवेश शेयर बाजार में हुआ, जबकि शेष प्राथमिक बाजार से आया.
अक्टूबर-नवंबर में बिकवाली का दौर
अक्टूबर में FII ने भारी बिकवाली करते हुए 1,13,858 करोड़ रुपये निकाले थे. नवंबर में बिकवाली कम होकर 39,315 करोड़ रुपये रह गई. लेकिन दिसंबर की शुरुआत में FII ने खरीदी शुरू कर दी है, जिससे बाजार की धारणा बदली है.
बड़े कैप बैंकिंग शेयरों को फायदा
FII की रणनीति में बदलाव का सीधा असर बड़े कैप बैंकिंग शेयरों पर दिख रहा है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ये शेयर उचित मूल्य पर हैं और इनमें आगे बढ़ने की संभावना है.
घरेलू निवेशकों का योगदान अहम
पिछले दो महीनों में, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने FII बिकवाली के दबाव को संभालते हुए बाजार को स्थिर बनाए रखा. अब FII की वापसी से बाजार को और मजबूती मिल रही है.
विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी
29 नवंबर को समाप्त सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 1.51 बिलियन डॉलर की वृद्धि हुई. आरबीआई के अनुसार, भंडार बढ़कर 658.091 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया.
बाजार के लिए सकारात्मक संकेत
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सिद्धार्थ खेमका के अनुसार, FII का निवेश और आरबीआई द्वारा नकदी बढ़ाने के लिए उठाए गए कदम बाजार के लिए सकारात्मक साबित हो रहे हैं. आने वाले हफ्तों में निफ्टी में तेजी जारी रहने की उम्मीद है.
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सरकारी नीतियों और लिक्विडिटी का असर
आरबीआई द्वारा कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में कटौती और सरकारी नीतियों पर सकारात्मक खबरें निवेशकों का भरोसा बढ़ा रही हैं. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ये बदलाव लंबी अवधि में बाजार को गति देंगे.
FII वापसी का महत्व
अक्टूबर और नवंबर में भारी बिकवाली के बाद FII का वापस लौटना बाजार के लिए बड़ी राहत है. इससे निवेशकों की धारणा में सुधार हुआ है और बाजार में नई ऊर्जा आई है.
गौरतलब है कि FII की खरीदी ने भारतीय बाजार को नई दिशा दी है. घरेलू और विदेशी निवेशकों के संतुलन से बाजार में स्थिरता बनी हुई है. आगे भी यह रुख बाजार को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है.
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