नई दिल्ली: भारतीय रेलवे का देरी से चलना और गंतव्य पर देरी से पहुंचाना कोई बड़ी बात नहीं बल्कि यह आम बात है. लेकिन रेलवे में अब समय के साथ बदलाव किया जा रहा है. इसी कड़ी में अब रेलवे में रेलवे अधिकारी खुद सफर कर इस बात का पता लगाएंगे कि आखिर गाड़ी देर से क्यों चल रही है. साथ ही देरी के कारणों को चिन्हित करने के बाद उसे सुधारने का प्रयास किया जाएगा.Also Read - Indian Railway Recruitment 2022: भारतीय रेलवे में इन पदों पर आई भर्ती, 10वीं पास अभ्यर्थी करें आवेदन

पहले चरण में यह अभियान 20 -27 जनवरी तक चलेगा. इस दौरान अधिकारी नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, पुरानी दिल्ली समेत अलग अलग स्टेशन से चलने वाली मेल व एक्सप्रेस ट्रेन में रेवाड़ी और पलवल तक जाएंगे और होने वाली देरी के कारणों का पता लगाकर रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसके बाद सुधार उपायों को लागू किया जाएगा. Also Read - India Railways/IRCTC: ट्रेन में यात्रा करते समय रात में की ये हरकत तो होगी कार्रवाई, जानिए रेलवे का नया नियम

बता दें कि रेलवे के ये अधिकारी लेवल क्रॉसिंग के समय से बंद होना, सिगन्ल के समय से बंद होना, देरी से आई ट्रेनों की स्टेशन पर स्टॉपेज के समय में कमी, देरी से आई ट्रेनों को निर्बाध रास्ता दिया जाएगा. स्टेशन पर ट्रेन को निकलने के लिए योजना बनाना इत्यादि काम किए जाएंगे. Also Read - Railway Recruitment 2022: रेलवे में इन पदों पर आवेदन की आखिरी तारीख नजदीक, जल्दी करें आवेदन

बता दें कि रेलवे सहायक संचालन प्रबंधक, स्टेशन पर्यवेक्षक, ट्रैफिक निरीक्षक समेत कई अन्य रैंक के अधिकारी ट्रेन में सफर करेंगे और ट्रेन की देरी के कारणों को जानकर रिपोर्ट सबमिट करेंगे ताकि ट्रेन की लेटलतीफी में सुधार किया जा सकेगा.