नई दिल्ली: इन अटकलों के बीच कि 2022 तक 44 वंदे भारत ट्रेनों के पटरी पर उतरने में देरी हो सकती है, रेलवे ने मंगलवार को कहा कि इन ट्रेनों का निर्माण अब एक नहीं बल्कि तीन रेल इकाइयों में किया जाएगा और अगले तीन वर्षों के भीतर ये ट्रेनें रेल नेटवर्क में आ जाएंगी. Also Read - IRCTC Indian Railway: अब IRCTC से आधार को वेरिफाई कराना हुआ अनिवार्य, मिलेंगे कई फायदे

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के यादव ने मंगलवार को कहा कि ट्रेनों को एकसाथ तीन रेल इकाइयों – रेलवे कोच फैक्ट्री, कपूरथला, मॉडर्न कोच फैक्ट्री, रायबरेली और इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई में बनाया जाएगा. Also Read - IRCTC Indian Railway: रेलवे ने किया बड़ा बदलाव, महीने भर में 12 online टिकटों की करा सकेंगे बुकिंग

यादव ने कहा, ‘‘कुछ महीने पहले निर्णय लिया गया था कि रेलवे की तीन विनिर्माण इकाइयां इन ट्रेनों का निर्माण करेंगी, जिससे उनके निर्माण में लगने वाले समय में कमी आएगी. 44 ट्रेनें अगले दो से तीन वर्षों में चलनी शुरू हो जाएंगी. एक बार निविदा को अंतिम रूप देने के बाद एक निश्चित समयावधि उपलब्ध कराई जाएगी.’’ Also Read - भारतीय रेलवे के शानदार ऐप से ट्रेनें नहीं होंगी लेट, लाइव ट्रैकिंग सुविधा से है लैस, कुछ यूं करेगा काम

आपको बता दें कि इससे पहले भारतीय रेलवे ने 2023 तक देश में प्राइवेट ट्रेन्स सी सुविधा का और बढ़ाने का भी फैसला किया था. भारतीय रेलवे (Indian Railway) के एक अधिकारी ने कहा था कि 12 निजी रेलगाड़ियों की पहला बैज 2023 परिचालन शुरू हो जाएगा , जिसके बाद अगले वित्त वर्ष में ऐसी 45 रेलगाड़ियां शुरू होंगी.

अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि ऐसी सभी 151 रेलगाड़ियां अपने पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 2027 तक शुरू हो जाएंगी. रेलवे ने अपने नेटवर्क पर निजी कंपनियों की यात्री रेलगाड़ियों के परिचालन की अनुमति देने की अपनी योजना को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाने के लिए इस महीने की शुरुआत में देश भर के 109 जोड़ा रूटों पर 151 आधुनिक यात्री रेलगाड़ियां चलाने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं.