नई दिल्ली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर 69.10 पर पहुंच गया. यानि एक डॉलर का मूल्य अब 69.10 रुपये है. इससे पहले सबसे निचला स्तर 68.89 था. ये लगातार चौथा दिन है जब रुपये की कीमत में गिरावट आई है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के मद्देजनर देश का चालू खाता घाटा और मुद्रास्फीति बढ़ने की चिंताओं के बीच आज शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 49 पैसे लुढ़ककर अब तक के निम्नतम स्तर 69.10 रुपये पर आ गया.

आयातकों विशेषकर तेल रिफाइनरों एवं बैंकों से अमेरिकी मुद्रा की लगातार मांग से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही , जिससे रुपये पर दबाव देखा गया. अंतर बैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया आज डॉलर के मुकाबले 68.87 रुपये प्रति डॉलर पर खुला और शुरुआती कारोबार में 49 पैसे गिरकर 69.10 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया. रुपया कल के कारोबारी दिन में डॉलर के मुकाबले गिरकर 68.61 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

अब तक 8 फीसदी गिरावट

आज की गिरावट के साथ रुपया साल 2018 में अब तक 8 फीसदी नीचे जा चुका है और ये एशिया में सबसे बुरा प्रदर्शन करने वाली करेंसी साबित हुआ है. अकेले जून 2018 में ही रुपये की कीमत में तीन फीसदी की गिरावट आई.

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले आज रुपया 68.91 पर 30 पैसे कम पर खुला और फिर 69.03 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, कल रुपया 68.61 पर बंद हुआ था और एक वक्त ये 68.70 पर भी पहुंच गया था. लेकिन आज इसने बड़ा गोता लगाया. विशेषज्ञों का कहना है कि क्रूड ऑयल के बढ़ते दामों और ट्रेड वॉर से रुपये लगातार कमजोर हो रहा है.

दोहरी मार झेल रहा भारत

अमेरिका ने कल भारत, चीन सहित सभी सहयोगी देशों से ईरान से कच्चे तेल का आयात चार नवंबर तक बंद करने को कहा था, जिसके बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया. इसके अलावा लीबिया और कनाडा में आपूर्ति संबंधी दिक्कतों से भी कीमतों पर दबाव रहा. मुद्रा डीलरों ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपये में गिरावट से भारत दोहरी मार झेल रहा है. इस बीच , बंबई शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स आज शुरुआती कारोबार में 90.26 अंक यानी 0.25 प्रतिशत गिरकर 35,126.85 अंक पर आ गया.