
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
शेयर मार्केट में निवेशक सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर खरीदते और बेचते हैं. ये ट्रेडिंग BSE और NSE जैसे प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से होता है. अब नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने साल 2026 के लिए ट्रेडिंग हॉलिडे कैलेंडर जारी कर दिया है. इसके मुताबिक, नए साल में कुल 15 दिन स्टॉक मार्केट बंद रहेंगे.
इन छुट्टियों में गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती जैसे नेशनल इवेंट के साथ दिवाली, होली और ईद जैसे प्रमुख त्योहार शामिल हैं. हॉलीडे लिस्ट में 5 लॉन्ग वीकेंड मिलेंगे. शनिवार और रविवार को वीकली क्लोजिंग के चलते आमतौर पर शेयर बाजार में ट्रेडिंग नहीं होती है. ऐसे में ट्रेडर्स और इंवेस्टर्स को फैमिली टाइम मिल जाएगा.
2026 में कब और किस वजह से बंद रहेगा शेयर मार्केट?
1 फरवरी 2026 को एक खास ट्रेडिंग सेशन
शेयर मार्केट के लिए 1 फरवरी 2026 का दिन खास होता है. इस दिन देश का बजट पेश होता है. इसलिए रविवार 1 फरवरी 2026 को एक खास ट्रेडिंग सेशन हो सकता है. हालांकि, पॉलिसी अनाउंसमेंट पर मार्केट का रिस्पॉन्स आसान बनाने के लिए बजट डे ट्रेडिंग पहले भी वीकेंड पर होती रही है.
1986 में सेंसेक्स की हुई शुरुआत
1986 में जब सेंसेक्स की शुरुआत हुई तो इसका बेस ईयर 1978-79 रखा गया. बेस 100 पॉइंट बनाया गया. जुलाई 1990 में ये आंकड़ा 1,000 पॉइंट पर पहुंच गया. 1991 के आर्थिक उदारीकरण के बाद सरकार ने FDI के दरवाजे खोले और बिजनेस करने के कानून में बदलाव किया. इससे सेंसेक्स में गति बढ़ी.
1875 में बना था BSE
BSE यानी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की शुरुआत 9 जुलाई 1875 में हुई थी. यह एशिया का पहला और सबसे तेज स्टॉक एक्सचेंज है. शेयर मार्केट की शुरुआत एक बरगद के पेड़ के नीचे 318 लोगों ने 1 रुपये के एंट्री फीस के साथ की थी. 1875 में इन्होंने अपना ‘द नेटिव शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन’ बना लिया, साथ ही, दलाल स्ट्रीट पर एक ऑफिस भी खरीद लिया. आज इसे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज कहा जाता है. 25 जनवरी, 2001 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने डॉलेक्स-30 लॉन्च किया था. इसे BSE का डॉलर लिंक्ड वर्जन कहा जाता है.
1992 में अस्तित्व में आया नेशनल स्टॉक एक्सचेंज
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना साल 1992 में हुई. इसका संचालन साल 1994 में शुरू हुआ था. दिसंबर 2023 तक मार्केट कैप के हिसाब से NSE दुनिया का छठा सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज था. जनवरी 2024 में इसका और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का मार्केट कैप कुल 4.33 ट्रिलियन डॉलर हो गया. इससे भारत दुनिया भर में चौथा सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया था.
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